IMD Weather :देश में मानसून के बादल छाए हुए हैं। लगातार बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश का दौर चल रहा है। देश में अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पूरे देश की बात करें तो सामान्य से 6 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज (Rain Alert) की जा चुकी है। अभी मानसून के 2 महीने बीत चुके हैं, लेकिन 2 महीने अभी बाकी हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि अगस्त और सितंबर में प्रदेश में कितनी बारिश होगी।
देशभर में मानसून के बादल पूरी तरह सक्रीय होकर बरस रहे हैं। फिलहाल अलग-अलग राज्यों के लिए मानसून की बारिश को लेकर मौसम विभाग की ओर से एक बार फिर से अलर्ट (IMD Rain Alert) जारी किया गया है।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश होने का अनुमान जताया जा रहा है। इसी दौरान भारत मौसम विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि अगस्त और सितंबर में मानसून की क्या स्थिति रहने वाली है।
अब तक हुई इतनी बारिश
1 जून से 31 जुलाई तक मानसून (Monsoon Rain Alert) के 2 महीने बीत चुके हैं। अभी तक 474.3 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि इस दौरान 445.8 एमएम बारिश होनी होती है। यानी कि देश में औसत से 6% अधिक बारिश दर्ज किया जा चुकी है।
ज्यादा बारिश (Heavy Rain Alert) के कारण कई जगहों पर बाढ़ जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। जुलाई में ज्यादा बारिश का कारण मौसम की अनुकूल परिस्थिति और बार-बार निम्न दबाव का क्षेत्र बनना है। छह बार निम्न दबाव क्षेत्र बन चुका है। जिनमें से चार बार यह सिस्टम डिप्रेशन में बदला और बंगाल से राजस्थान तक भारी बारिश कराई।
अधिकतर जगहों पर सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश
देश में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश (Rain more then normal) हुई है। देश में 22 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सामान्य बारिश दर्ज की गई है तो 6 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सामान्य से अधिक तो दो राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सामान्य से अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है।
मात्र 6 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सामान्य से कम बारिश हुई है। ऐसा कोई इलाका नहीं है, जहां बहुत कम बारिश हुई हो या फिर बारिश ही नहीं हो। राजस्थान में भी इस बार सामान्य से 90% अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है और 410.3 एमएम बारिश हो चुकी है। जबकि सामान्य तौर पर यहां दो महीने में 216.4 एमएम बारिश होती है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगस्त और सितंबर में देश में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि देश के ज्यादातर हिस्सों में अगस्त में सामान्य और सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। देश के पूर्वोत्तर और उससे सटे पूर्वी भारत, मध्य भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिण-पश्चिमी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में कम बारिश की संभावना है।
अगले दिनों में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले दो हफ्तों में बारिश कुछ कमजोर दिखेगी। इससे मानसून की स्थिति में ब्रेक नहीं लगेगा। मौसम लगातार अनुकूल बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत के लिए यह लगातार पांचवां साल है जब वहां सामान्य से कम बारिश हुई है। 30 साल से बारिश में गिरावट आ रही है।
मौसम की ऐसी हैं गतिविधियां
मौसम विभाग के अनुसार देश में वर्तमान में ईएनएसओ-न्यूट्रल स्थिति बनी हुई है। अक्टूबर तक यह स्थिति बनी रह सकती है। इसके बाद कमजोर ला नीना का प्रभाव शुरू हो जाएगा। मानसून भारत की कृषि व्यवस्था की रीढ़ है, जिससे करीब 42% आबादी की आजीविका सीधी जुड़ी हुइ है। देश की GDP में खेती का करीबन 18.2% योगदान है।