हर साल कई लोग आयकर रिटर्न (ITR Filing 2025) दाखिल करते हैं और अपने रिफंड का इंतज़ार करते हैं। आमतौर पर आयकर विभाग ई-वेरिफिकेशन के 20 से 45 दिनों के भीतर रिफंड भेज देता है। लेकिन कई बार पैसा नहीं आता और लोग इसे लेकर परेशान रहते हैं। अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो जानिए आईटीआर रिफंड में देरी के कारण और अपने रिफंड का स्टेटस कैसे चेक करें।
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आयकर रिफंड में देरी के कारण
- ई-सत्यापन लंबित: यदि आप आईटीआर का ई-सत्यापन नहीं करते हैं, तो उस पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- भौतिक सत्यापन में देरी: यदि आप आईटीआर-वी डाक द्वारा सीपीसी बैंगलोर को भेजते हैं और यह समय पर नहीं पहुंचता है, तो रिफंड में देरी हो सकती है।
- उच्च प्रसंस्करण भार: यदि आयकर विभाग के पास प्रसंस्करण हेतु बहुत अधिक रिटर्न हैं, तो रिफंड में अधिक समय लग सकता है।
- आईटीआर में त्रुटि: यदि आपके आईटीआर में कोई गलती है या विवरण में कोई अंतर है, तो विभाग सुधार होने तक रिफंड रोक सकता है।
- बैंक खाते की समस्या: गलत खाता संख्या, निष्क्रिय खाता या खाते पर प्रतिबंध के कारण धन वापसी रुक सकती है।
- देय कर: यदि आपका कर बकाया है, तो रिफंड को उसके विरुद्ध समायोजित किया जाएगा।
- तकनीकी गड़बड़ी: आईटी विभाग या बैंक में तकनीकी समस्या भी देरी का कारण बन सकती है।
- पोर्टल अपडेट: ई-फाइलिंग पोर्टल पर परिवर्तन या अपडेट प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं।
- रिफंड पुनः जारी करना आवश्यक: कभी-कभी रिफंड जारी होने के बाद भी खाते में नहीं पहुँचता। ऐसे मामलों में, पुनः जारी करने का अनुरोध आवश्यक है।
रिफंड की स्थिति कैसे जांचें
- वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं
- पैन (यूजर आईडी), पासवर्ड और कैप्चा के साथ लॉगिन करें।
- मेनू से ‘रिटर्न/फॉर्म देखें’ पर क्लिक करें।
- ‘आयकर रिटर्न’ का चयन करें।
- मूल्यांकन वर्ष चुनें और सबमिट करें।
- आपको ITR पावती संख्या दिखाई देगी। उस पर क्लिक करें।
- धन वापसी की स्थिति दिखाई जाएगी।
- रिफंड विवरण फॉर्म 26AS में ‘टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट’ के अंतर्गत भी देखे जा सकते हैं। यदि बैंक विवरण गलत हैं, तो पोर्टल “कोई रिकॉर्ड नहीं मिला” दिखा सकता है।
यदि धन वापसी में देरी हो तो क्या करें
- ई-सत्यापन शीघ्र पूरा करें।
- यदि आपको कोई नोटिस मिले तो आईटीआर की पुनः जांच करें और समय पर जवाब दें।
- सुनिश्चित करें कि बैंक विवरण सही और अद्यतन हैं।
- रिफंड की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहें।
- यदि विलंब बहुत लंबा हो तो अपने मूल्यांकन अधिकारी से संपर्क करें।
- यदि आवश्यक हो तो ई-फाइलिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
घोटालेबाजों से सावधान रहें
आईटीआर रिफंड के बारे में फर्जी कॉल, ईमेल और पॉप-अप अलर्ट बढ़ रहे हैं। धोखेबाज बैंक और व्यक्तिगत जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। रिफंड की स्थिति हमेशा केवल आधिकारिक आयकर विभाग की वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोतों से ही जांचें।