नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अचानक 50% टैरिफ थोपकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारत ने इसे न केवल अनुचित बताया है बल्कि इसका विरोध भी शुरू हो गया है। सवाल यह है कि भारत इस “टैरिफ टेरर” का जवाब कैसे देगा? विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सबसे मजबूत हथियार है – स्वदेशी का मंत्र।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कई मंचों से देशवासियों को ‘आत्मनिर्भर भारत’ और देसी उत्पादों के इस्तेमाल की सलाह दे चुके हैं। यदि 140 करोड़ भारतीय अमेरिकी प्रोडक्ट्स को छोड़कर स्वदेशी विकल्प अपनाते हैं, तो भारत में मौजूद अमेरिकी कंपनियों पर सीधी चोट होगी और अमेरिकी इकोनॉमी पर गहरा असर पड़ेगा।
क्यों ज़रूरी है अमेरिकी प्रोडक्ट्स का विकल्प चुनना?
आज हर घर में अमेरिकी कंपनियों के प्रोडक्ट्स मौजूद हैं – चाहे वो ई-कॉमर्स, स्मार्टफोन, सॉफ्टवेयर, फास्ट फूड, पेय पदार्थ, कपड़े या बैंकिंग हो। इन कंपनियों का मुनाफा भारत से सीधा अमेरिका पहुंचता है।
यदि भारतीय उपभोक्ता और रिटेलर्स अमेरिकी ब्रांड्स के बजाय देसी या अन्य विकल्प चुनते हैं, तो न सिर्फ आयात पर निर्भरता घटेगी, बल्कि भारत की इकोनॉमी और मज़बूत होगी।
भारत में मौजूद अमेरिकी कंपनियां – सेक्टरवार लिस्ट
1. ई-कॉमर्स और टेक सेक्टर
- Amazon India – लगभग हर पिनकोड तक पहुंच
- Apple Inc. – iPhone का बड़ा बाजार भारत
- Google (Alphabet Inc.) – सर्च इंजन और क्लाउड सेवाओं में दबदबा
- Microsoft – हर कंप्यूटर और लैपटॉप का हिस्सा
- Meta (Facebook, Instagram, WhatsApp) और X (Twitter) – सोशल मीडिया पर वर्चस्व
2. FMCG और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स
- Coca-Cola India – कोक, स्प्राइट, माज़ा
- PepsiCo India – पेप्सी, कुरकुरे, लेज़
- Procter & Gamble (P&G) – व्हिस्पर, टाइड, विक्स
- Colgate-Palmolive – टूथपेस्ट और ब्रश
- Johnson & Johnson – बेबी प्रोडक्ट्स
- Nestlé India – मैगी, किटकैट, नेस्कैफे
- Kellogg India – कॉर्न फ्लेक्स और चॉकोज़
- Mars International – स्निकर्स
- Mondelez (Cadbury, Oreo) – चॉकलेट्स और डेयरी प्रोडक्ट्स
3. फास्ट फूड और बेवरेज
- McDonald’s India – बर्गर और फ्रेंच फ्राइज
- KFC – फ्राइड चिकन
- Domino’s Pizza & Pizza Hut – पिज्जा और पास्ता
- Starbucks India – कॉफी और स्नैक्स
4. लाइफस्टाइल और फैशन
- Nike, Levi’s, Skechers, Gap, Guess, Forever 21 – कपड़े और फुटवेयर
- Timex और Fossil – घड़ियां और एक्सेसरीज़
- Maybelline New York – कॉस्मेटिक्स
5. बैंकिंग और फाइनेंस
- Citigroup (Citi India) – बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड सेवाएं
भारत-अमेरिका व्यापार संतुलन
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और अमेरिका के बीच कुल व्यापार 131.84 बिलियन डॉलर का रहा। भारत ने अमेरिका को 86.51 बिलियन डॉलर का निर्यात किया, जबकि 45.33 बिलियन डॉलर का आयात किया।
इसका सीधा मतलब है कि भारत अमेरिका का बड़ा मार्केट है। अगर भारतीय उपभोक्ता अमेरिकी कंपनियों का बहिष्कार करते हैं, तो इसका असर अमेरिका की इकोनॉमी पर गहरा होगा।
नतीजा
ट्रंप की 50% टैरिफ पॉलिसी ने भारत को आक्रामक जवाब देने का मौका दिया है।
यदि हर भारतीय अमेरिकी ब्रांड्स को छोड़कर स्वदेशी और भारतीय विकल्प अपनाए, तो न सिर्फ आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा बल्कि अमेरिका की कई कंपनियों की नींव भी हिल जाएगी।