Government Employees : जहां एक ओर सरकार की ओर से कर्मचारियों के लिए कई जरूरी फैसले लिए जाते हैं, जिनसे कर्मचारियों को तगड़ा लाभ पहुंचता है। वहीं, सरकारकी ओर से अब कर्मचारियों के लिए ऐसा फैसला लिया गया है, जिससे कर्मचारियों (Government Employees) की सालाना सैलरी बढ़ौतरी पर रोक लगा दी गई है। आइए खबर में जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
अगर आप भी सरकारी कर्मचारी है तो ये खबर आपके लिए ही है। दरअसल, अब हाल ही में सरकार ने कर्मचारियों के लिए ऐसा फैसला सुनाया है, जिससे कर्मचारियों को तगड़ा झटका लगा है।
सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों में हलचल मच गई और उनकी सालाना सैलरी बढ़ौतरी (annual salary increase) पर रोक लगा दी गई है। आइए खबर में जानते हैं कि क्या है ये पूरा मामला
सालाना सैलरी बढ़ौतरी पर लगी रोक
मामले पर गौर करें तो राजस्थान सरकार (Rajasthan Government Big Step ) ने सभी सरकारी कर्मचारियों को यह आदेश दिए थे कि वो सभी समय सीमा में अपनी व्यक्तिगत सम्पत्ति रिपोर्ट (IPR) को जमा करा दें, लेकिन बहुत से कर्मचारियों ने इस बात को हलके में लेकर लापरवाही दिखाई।
उसके बाद भजनलाल सरकार ने इसके खिलाफ सख्त रुख अपनाया और जिन भी कर्मचारियों ने जुलाई तक अपनी व्यक्तिगत सम्पत्ति रिपोर्ट (Personal Asset Report) जमा न कर पाने वाले 2.8 लाख कर्मचारियों की सालाना सैलरी बढ़ौतरी पर रोक दी है और साथ ही तकरीबन 3,000 लोगों की पेंशन रोक दी गई है।
उसके बाद कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि सक्रिय हुए और उन्होंने मुख्य सचिव और डीओपी सचिव से इस बारे में बातचीत की साथ ही उनसे आईपीआर (Intellectual Property Rights) पोर्टल फिर से खोलने का अनुरोध किया, जहां वे अपने डाक्यूमेंट्स को अपलोड कर सकें।
मुख्य सचिव को किया अनुरोध
अखिल राजस्थान राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष ने मुख्य सचिव को जो ज्ञापन सौंपा है, उसमें यह अनुरोध किया कि अप्रैल 2025 में राजकाज पोर्टल के सही प्रकार से काम न करने और धीमी गति से काम करने के चलते राजस्थान में लाखों कार्मिक (employees news in rajasthan) अपनी अचल संपत्ति का डाटा सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर फिल नहीं कर पाते हैं, जिसके चलते इन कर्मचारियों को आईपीआर ऑनलाइन नहीं भरने से जुलाई में सालाना बढ़ौतरी से वंचित होना पड़ रहा है।
कैसे मिलेगा कर्मचारियों को सालाना सैलरी बढ़ौतरी
कर्मचारी महासंघ (Employees’ Federation) के अध्यक्ष का कहना है कि कृपया राजकाज पर ऑनलाइन आईपीआर भरने की डेट को दोबारा खोलने की कोशिश करें ओर साथ ही इसे ऑनलाइन भरने की अनुमति प्रदान करें, ताकि तकरीबन 2.8 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को इस परेशानी से छुटकारा मिल सके और सालाना सैलरी बढ़ौतरी का लाभ मिल सके।
दोबारा पोर्टल खोलने का किया अनुरोध
अध्यक्ष महावीर प्रसाद का कहना है कि अगर आईएएस अधिकारियों के पास ऑनलाइन आईपीआर (IPR Filling Updates ) भरने की की सर्विस है तो फिर राज्य सरकार के कर्मचारी को इसका फायदा क्यों नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि इस वजह से हमने मुख्य सचिव और डीओपी सचिव से पोर्टल दोबारा खोलने का अनुरोध किया है।
