Cab Drivers Strike : अगर आप भी एक जगह से दूसरी जगह जानें के लिए कैब का सहारा लेते है तो आज की खबर आपके लिए बड़े ही काम की है। आपको बता दे कि कल आपको कैब में सफर करने में दिक्कत हो सकती है। चलिए खबर के माध्यम से आपको बताते है कि किस वजह से कल Cab नहीं चलेंगी।
देश में ज्यादातर लोग अपने गंतव्य तक जानें में कैब का सहारा लेते है। लोगों का मानना है कि कैब के माध्यम से सफर करना आरामदायक होता है। लेकिन कल कैब में सफर करने वाले लोगों को बड़ी परेशानी हो सकती है क्योकि कल ऐप-आधारित कैब (App-based cabs) सेवाओं जैसे- Rapido, Uber और Ola से जुड़े ड्राइवरों ने देशभर के ज्यादातर इलाकों में हड़ताल करने का ऐलान किया है।
ड्राइवरों की तरफ से की जाने वाली इस हड़ताल (Strike by cab drivers) को ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ का नाम दिया गया है। ड्राइवरों संगठन की तरफ से बताया गया है कि इस हड़ताल के दौरान सभी ड्राइवर एक साथ अपनी कैब ऐप्स बंद रखेंगे, जिसका असर कैब सेवाओं पर पड़ेगा और कैब से सफर करने वालें लोगों को अपने गंतव्य तक पहुचनें में परेशानी हो सकती है।
इस हड़ताल को तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) तथा अन्य श्रमिक संगठनों द्वारा आयोजित किया गया है। कल 7 फरवरी 2026 को होने वाली इस हड़ताल के बारे में घोषणा करते हुए TGPWU ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि “देश भर में ऐप आधारित परिवहन कर्मचारी 7 फरवरी, 2026 को अखिल भारतीय हड़ताल का हिस्सा बनेंगे। कोई न्यूनतम किराया नहीं। कोई नियम नहीं। बस लगातार शोषण” ऐसे में कल कैब सर्विस बंद रहेगी।
Uber और Ola ड्राइवरों की हड़ताल के पीछे का कारण
देशभर में ऐप के माध्यम से काम कर रहे ड्राइवरों की पुरानी तथा अनदेखी समस्याओं की तरफ ध्यान दिलातें हुए यूनियन की तरफ से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Highway Minister Nitin Gadkari) को पत्र भेजा गया है।
यूनियन के मुताबिक Ola, Uber, Rapido, पोर्टर जैसे एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर ऑटो, कैब और बाइक टैक्सी चलाने वाले चालकों के लिए सरकार द्वारा कोई आधिकारिक किराया ढांचा तय नहीं किया गया है। इसका फायदा उठाकर कंपनियां अपनी मर्जी से किराया तय कर रही हैं।
यूनियन की तरफ से लिखें गए पत्र में कहा गया है कि इस स्थिति के कारण “लाखों ड्राइवरों को आय (Drivers’ income) की अस्थिरता, शोषण और बेहद कठिन कामकाजी हालात” का सामना करना पड़ रहा है।
यूनियन की तरफ से अपील करते हुए कहा गया है कि ड्राइवरों की समस्या का जल्द से समाधान किया जाए, क्योकि लाखों ऐप-आधारित ड्राइवर धीरे-धीरे गरीबी की ओर धकेले जा रहे हैं।
यूनियन की प्रमुख मांगें
यूनियन का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकारें (Central and state governments) ऑटो, कैब, बाइक टैक्सी और अन्य ऐप-आधारित परिवहन सेवाओं के लिए तुरंत न्यूनतम किराया तय करें और इसकी आधिकारिक घोषणा करें। यह किराया मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश, (Motor Vehicle Aggregator Guidelines) 2025 के अनुसार ड्राइवरों और श्रमिक संगठनों से बातचीत के बाद तय किया जाए।
साथ ही निजी (नॉन-कमर्शियल) वाहनों का सवारी या सामान ढोने में इस्तेमाल पूरी तरह रोका जाए। अगर ऐसे वाहनों का उपयोग करना है तो उन्हें कमर्शियल श्रेणी में पंजीकृत करना अनिवार्य किया जाए, ताकि मोटर वाहन कानून और एग्रीगेटर दिशानिर्देश, 2025 का सही तरह से पालन हो सके।
यात्रियों को क्या उम्मीद करनी चाहिए?
ड्राइवरों की तरफ से की जाने (Strike by drivers) वाली इस हड़ताल की वजह से कल यात्रियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि इसका असर हर जगह एक जैसा नहीं होगाa, क्योंकि अलग-अलग इलाकों में ड्राइवर हड़ताल में शामिल हैं। जो लोग ऐप के जरिए कैब, ऑटो या बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें 7 फरवरी को खासकर सुबह और शाम के भीड़भाड़ वाले समय में सफर के लिए दूसरे विकल्प पहले से तय कर लेने की सलाह दी जाती है।
