धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों में अगर पानी की खपत बहुत ज्यादा हो रही है, तो राज्य सरकार बागवानी के लिए 40% सब्सिडी दे रही है। इससे किसान कम खर्च में, कम पानी का उपयोग करके अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
बागवानी के लिए 40% सब्सिडी दे रही सरकार
हमारे देश में आज भी कई किसान ऐसे हैं, जो धान, गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलें ही मौसम के अनुसार लगाते हैं। लेकिन इन फसलों में पानी की आवश्यकता अधिक होती है, वहीं इनकी कीमत भी बागवानी फसलों की तुलना में कम मिलती है। इसलिए बागवानी किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।
जैसा कि आप जानते हैं, पंजाब में लंबे समय से धान की खेती करने के कारण पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इसी को देखते हुए पंजाब सरकार किसानों के लिए बागवानी योजना लेकर आई है। इस योजना के तहत राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत बाग लगाने और बागवानी से जुड़ी अन्य गतिविधियों के लिए 40% तक सब्सिडी दी जा रही है। इससे किसान कम खर्च में बागवानी की शुरुआत कर सकते हैं और पानी की समस्या से भी छुटकारा पा सकते हैं।
बागवानी फसलों से मिलेगा ज्यादा फायदा
सरकार का मानना है कि बागवानी फसलों से किसानों को अधिक लाभ मिल सकता है। फल और सब्जी की खेती करने पर बाजार में अच्छी कीमत मिलती है और समय भी कम लगता है। अगर किसान फल की खेती शुरू करते हैं, तो शुरुआत में कुछ खर्च करना पड़ता है, लेकिन बाद में लंबे समय तक बहुत कम लागत में उत्पादन मिलता है।
फल और सब्जी की खेती में ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग किया जा सकता है, जो सब्सिडी पर उपलब्ध होती है। इससे फसल की जरूरत के अनुसार ही पानी दिया जाता है और पारंपरिक फसलों की तुलना में बहुत कम पानी की खपत होती है। फल और सब्जियों की मांग पूरे साल बनी रहती है, जिससे किसानों को अच्छी आमदनी होती है। शुरुआत में मेहनत और लागत जरूर लगती है, लेकिन बाद में खर्च और मेहनत दोनों ही कम हो जाते हैं।
बागवानी के लिए अनुदान कैसे मिलेगा
पंजाब के किसान अगर बागवानी के लिए अनुदान लेना चाहते हैं, तो वे राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए किसानों को अपने जिले के बागवानी कार्यालय में जाना होगा। वहां विभाग के फील्ड स्टाफ द्वारा पूरी सहायता की जाएगी।
इस योजना के तहत पौधे लगाने से लेकर उनकी देखभाल तक के लिए सब्सिडी दी जाती है, जिससे छोटे और मध्यम किसानों को विशेष लाभ मिलता है। यह योजना किसानों को बागवानी के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, ताकि वे कम पानी और कम खर्च में खेती कर सकें और अपनी आमदनी बढ़ा सकें।
