आलू की खेती करने जा रहे किसानों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार किसानों को आलू के बीजों पर 75% अनुदान दे रही है, जिसके बाद सिर्फ 25% कीमत ही किसानों को चुकानी पड़ेगी। आलू की इस वैरायटी की बाजार में अच्छी-खासी मांग है और इसकी कीमत भी तगड़ी मिलती है।
नीदरलैंड के इस आलू की खासियत
किसानों को आलू के बीजों पर जो सब्सिडी मिल रही है, वह नीदरलैंड की प्रजाति लेडी रोसेटा (Lady Rosetta) है। इसकी खेती करके किसान एक हेक्टेयर से 30 क्विंटल तक उत्पादन ले सकते हैं।
इस आलू का इस्तेमाल मुख्य रूप से फ्रेंच फ्राइज, चिप्स, कुरकुरे और स्नैक्स बनाने में किया जाता है। यही कारण है कि बड़ी-बड़ी कंपनियां किसानों से इसे अच्छे दामों पर खरीद लेती हैं।
आलू के बीजों पर सब्सिडी
यह योजना बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही है। बिहार के कई जिलों के किसानों को लेडी रोसेटा आलू की वैरायटी पर 75% सब्सिडी दी जा रही है।
इस आलू के बीज की कीमत लगभग ₹4000 प्रति क्विंटल है। इसमें 75% सब्सिडी मिलने के बाद किसानों को बहुत कम कीमत चुकानी पड़ेगी। वहीं, जब उत्पादन होगा तो किसानों को मुनाफा भी तगड़ा मिलेगा।
आलू के बीज पर सब्सिडी कैसे मिलेगी?
सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए हॉर्टिकल्चर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/HortMIS/ पर जाकर आवेदन किया जा सकता है।
यह लाभ बिहार के 17 जिलों के किसानों को मिलेगा। 0.25 एकड़ से लेकर 5 एकड़ तक की जमीन पर किसान यह अनुदान प्राप्त कर सकते हैं और खेती कर पाएंगे।
किसानों के लिए सुनहरा मौका
जो किसान पहले से आलू की खेती करते आ रहे हैं, उनके लिए यह योजना आमदनी बढ़ाने का एक शानदार विकल्प है। नीदरलैंड की यह प्रजाति न केवल ज्यादा उत्पादन देती है बल्कि बाजार में अच्छी कीमत भी दिलाती है।