पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से फैल रहा था, जिसमें यह कहा जा रहा था कि केंद्र सरकार जल्द ही पेंशनर्स को मिलने वाला महंगाई राहत भत्ता (DR) बंद करने जा रही है। यह दावा इतना वायरल हुआ कि कई रिटायर्ड कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
लेकिन अब सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेकिंग एजेंसी PIB Fact Check ने स्पष्ट कर दिया है कि यह दावा बिल्कुल गलत है।
7th Pay Commission Latest News: पेंशनर्स के फायदे पूरी तरह सुरक्षित
अगर आप केंद्रीय कर्मचारी हैं या आपके घर में कोई सरकारी नौकरी से रिटायर हुआ है, तो यह अपडेट आपके लिए महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया पर फैल रहे मैसेज में कहा गया था कि वित्त अधिनियम 2025 (Finance Act 2025) के तहत पेंशनर्स के महंगाई राहत (DR) और वेतन आयोग संशोधन से जुड़े लाभ वापस ले लिए गए हैं।
लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज किया है और साफ किया है कि सरकार ने पेंशनर्स के किसी भी लाभ को न तो हटाया है और न ही हटाने की योजना है।
PIB Fact Check का बयान: दावा 100% फर्जी
सरकार द्वारा जारी हैंडआउट में बताया गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मैसेज भ्रामक है।
PIB Fact Check टीम ने कहा कि:
- रिटायर्ड कर्मचारियों के DR हाइक पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।
- भविष्य के वेतन आयोग की सिफारिशों से पेंशनर्स को वंचित करने जैसा कोई नियम लागू नहीं किया गया है।
- वायरल मैसेज में Finance Act 2025 को गलत तरीके से पेश किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट कहा है कि पेंशनर्स के सभी पोस्ट-रिटायरमेंट बेनिफिट पहले की तरह जारी रहेंगे और उनके हितों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।
निष्कर्ष
सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे भ्रामक दावे अक्सर पेंशनर्स को अनावश्यक चिंता में डाल देते हैं। इसलिए किसी भी वायरल मैसेज पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। सरकार की ओर से दोहराया गया है कि DR और वेतन आयोग के लाभ बिल्कुल सुरक्षित हैं और इन्हें बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
