1 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है, और इसी के साथ 8वें वेतन आयोग से जुड़े सवाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की संगठनों ने जोरदार मांग उठाई है कि मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को तुरंत बेसिक पे में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें बढ़ती महंगाई से कुछ राहत मिल सके।
8वां वेतन आयोग शुरू कर चुका है काम
8th Central Pay Commission आधिकारिक तौर पर काम शुरू कर चुका है। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट देने में लगभग 12 से 18 महीने लगने की उम्मीद है। हालांकि, कर्मचारी चाहते हैं कि इसकी सिफारिशें तैयार होते ही लागू कर दी जाएं, ताकि वेतन और पेंशन दोनों में समय से बढ़ोतरी मिल सके।
लेकिन क्या सरकार ऐसा करेगी? पिछले अनुभव कुछ और ही संकेत देते हैं।
7वें वेतन आयोग में भी थी जल्दी लागू करने की मांग—मगर जवाब मिला था “नहीं”
7वें वेतन आयोग का गठन 2014 में हुआ था और इसे 1 जनवरी 2016 से लागू किया गया। उस समय JCM-स्टाफ साइड और कई पेंशनर्स संगठनों ने अनुरोध किया था कि वेतन आयोग की सिफारिशें दो साल पहले, यानी 1 जनवरी 2014 से प्रभावी की जाएं।
उनका तर्क था:
- DA को बेसिक में न मिलाने से वास्तविक वेतन का मूल्य लगातार घट रहा है।
- वेतन संशोधन हर 10 साल नहीं, बल्कि 5 साल पर होना चाहिए।
लेकिन 7वें वेतन आयोग ने इन मांगों को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा:
“यह वेतन आयोग 2014 में गठित किया गया है, जो 6वें वेतन आयोग की 10-वर्षीय अवधि खत्म होने से पहले ही है। इसलिए इसकी सिफारिशें समय-सीमा से पहले ही उपलब्ध होंगी। आयोग ‘अर्ली इम्प्लीमेंटेशन’ के पक्ष में नहीं है—लागू होने की तिथि 1 जनवरी 2016 ही होनी चाहिए।”
यही वजह है कि विशेषज्ञ मान रहे हैं कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें भी निर्धारित तिथि से पहले लागू होने की संभावना कम है।
कर्मचारी और पेंशनर्स क्यों असंतुष्ट हैं?
हाल ही में जारी 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference में पेंशन सुधारों का उल्लेख नहीं है।
इसके कारण:
- पेंशनर्स के लिए भविष्य की नीति अस्पष्ट है
- आयोग द्वारा लागू होने की तिथि का जिक्र नहीं किया गया
- DA और DR को बेसिक पे में जोड़े जाने की मांग पर भी स्पष्टता नहीं
कर्मचारी यूनियनें कह रही हैं कि मौजूदा DA वास्तविक महंगाई की भरपाई नहीं कर पा रहा, इसलिए इसे तुरंत मूल वेतन में जोड़ा जाए।
संसद में क्या मिल सकता है संकेत?
कई सांसद DA-DR मर्जिंग और पेंशन सुधारों पर सरकार से सवाल पूछने वाले हैं।
इसलिए संभावना है कि:
- DA/DR मर्ज करने पर सरकार की स्थिति स्पष्ट हो
- 8वें वेतन आयोग की कार्यप्रणाली और टाइमलाइन पर अपडेट मिले
- पेंशन संशोधन पर संभावित दिशा में बयान सामने आए
कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए यह सत्र काफी महत्वपूर्ण होने वाला है क्योंकि यह आने वाले दो सालों की वित्तीय स्थिति तय कर सकता है।
