DTC ने DIMTS की 2650 बसों का हैंडओवर ले लिया, कुल फ्लीट 6100+ हो गई। पीक आवर्स में हर 15 मिनट बस, रूट रेशनलाइजेशन से वेटिंग टाइम कम। 4350 ई-बसें शामिल, राजस्व बढ़ाने को डिमांड-बेस्ड शेड्यूल। यात्रियों को एकीकृत सेवा, DTC ऐप पर नया टाइम-टेबल चेक करें।
राजधानी के सार्वजनिक परिवहन में ऐतिहासिक बदलाव आ गया है। आज से दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने सभी 6100 से अधिक बसों की कमान संभाल ली है। दिल्ली एकीकृत मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (DIMTS) की नारंगी क्लस्टर बसों का युग समाप्त हो गया। कुछ माह पहले सरकार की घोषणा के मुताबिक, 31 मार्च की आधी रात को DIMTS का अनुबंध खत्म होते ही 2650 बसें, जिनमें 1750 सीएनजी बसें शामिल हैं, आधिकारिक रूप से DTC के बेड़े में शामिल हो गईं। कागजी कार्रवाई पूरी होने से अब DTC के पास कुल फ्लीट में 4350 इलेक्ट्रिक बसें भी हैं, जो दिल्ली को हरित परिवहन की ओर ले जा रही हैं।
DTC का पूर्ण नियंत्रण
इस एकीकरण से दिल्ली के 83 बस डिपो पूरी तरह DTC के अधीन आ गए। पहले 44 डिपो DTC के पास थे, बाकी 39 DIMTS संभालते थे। जनवरी से ही DTC कर्मचारियों को DIMTS डिपो में तैनात कर ट्रेनिंग दी गई थी, ताकि हैंडओवर सहज हो। निजी ऑपरेटरों की बसें अब DTC के निर्देश पर चलेंगी, लेकिन उनका रंग-लोगो वही रहेगा। DTC के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि अलग-अलग संचालन से एक ही रूट पर DTC और DIMTS बसें एक साथ पहुंच जाती थीं, जिससे खाली बसें चलतीं और राजस्व नुकसान होता। अब एकीकृत कमान से यह समस्या दूर होगी।
नया टाइम-टेबल
नया टाइम-टेबल यात्रियों के लिए सबसे बड़ा तोहफा है। व्यस्त पीक आवर्स (सुबह 8-11 और शाम 5-8) में बसें हर 15 मिनट में निकलेंगी, जो पहले 30 मिनट था। दोपहर 12 से 3 बजे के कम डिमांड वाले समय में फ्रीक्वेंसी घटाई जाएगी, ताकि खाली बसें कम चलें। DTC सभी रूट्स की समीक्षा कर रही है- कम जरूरत वाले रूट से बसें हटाकर हाई-डिमांड वाले पर शिफ्ट हो रही हैं। यात्रियों की संख्या और ट्रैफिक डेटा के आधार पर रूट रेशनलाइजेशन होगा। इससे वेटिंग टाइम कम होगा, सुविधा बढ़ेगी। उदाहरणस्वरूप, व्यस्त इलाकों जैसे कनॉट प्लेस, रोहिणी या नेहरू प्लेस में अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
राजस्व बढ़ाने की रणनीति
DTC की यह रणनीति राजस्व बढ़ाने और दक्षता सुधारने की है। पहले पूरे दिन फिक्स्ड 30 मिनट अंतराल से नुकसान हो रहा था, क्योंकि दोपहर में बसें खाली लौटतीं। अब डिमांड-बेस्ड शेड्यूल से ईंधन बचत होगी, कर्मचारी बेहतर इस्तेमाल होंगे। हाल ही में 300 नई ई-बसें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च कीं, और 2800 और इलेक्ट्रिक बसें रास्ते में हैं। रूट जोन अब 5 से घटकर 4 (पूर्व, उत्तर, दक्षिण, पश्चिम) हो गए, जो संचालन आसान बनाएगा।
भविष्य की सुविधाएं और चुनौतियां
यात्रियों को शिकायत दर्ज कराने में भी आसानी होगी, क्योंकि अब एक ही एजेंसी जिम्मेदार। DTC ऐप या delhitransport.gov.in पर नया शेड्यूल चेक करें। परिवहन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मल्टीमॉडल ट्रांजिट सिस्टम को मजबूत करेगा, मेट्रो के साथ तालमेल बढ़ेगा। हालांकि, शुरुआती दिनों में कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में दिल्लीवासियों को विश्वस्तरीय बस सेवा मिलेगी। सरकार का यह कदम पर्यावरण और ट्रैफिक जाम घटाने की दिशा में भी मील का पत्थर है।
