NCR Development Project : एनसीआर में मेट्रो प्रोजेक्ट के विकास की गति अब रफ्तार पकड़ रही है। अब जल्द ही NCR में नया मेट्रो डिपो बनाया जाने वाला है। ये नया मेट्रो डिपो 45 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। इस नए मेट्रो डिपो के निर्माण से कई इलाकों के जमीनों के दामों में उछाल आएगा। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि ये नया मेट्रो डिपो (new metro depot) कहां बनाया जाने वाला है।
दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नए मेट्रो डिपो का निर्माण किया जा रहा है। अब जल्द ही एनसीआर में 45 एकड़ जमीन पर नया मेट्रो डिपो बनाया जाने वाला है। मेट्रो डिपो के निर्माण (construction of metro depot) के इस प्रोजेक्ट में करोड़ों की लागत आने वाली है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि ये नया मेट्रो डिपो कहां बनाया जाएगा और इसमे कितनी लागत आएगी।
मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए जमीन का चुनाव
दरअसल, आपको बता दें कि गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (Gurugram Metro Rail Limited) की ओर से पुराने गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट के दूसरे फेज में जो नौ स्टेशन शामिल है, उनके निर्माण के लिए जमीन का चुनाव कर लिया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (Haryana Urban Development Authority) से से इन स्टेशनों से आने जाने के लिए जमीन की जानकारी मांग ली है। इस प्रोजेक्ट के जरिए शहर के पुराने और नए हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी दी जाने वाली है और इसी वजह से यह तीन फेज में डेवलप किया जा रहा है।
तीन फेज में बनेगा मेट्रो डिपोट
बता दें कि एनसीआर में यह मेट्रो प्रोजेक्ट (Metro Project in NCR) तीन फेज में विभाजित किया गया है। इस प्रोजेक्ट के पहले फेज में मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन (Millennium City Centre Metro Station) से सेक्टर 9 तक मेट्रो रूट और स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। फर्स्ट फेज में टेंडर पहले ही जारी हो गया है और अब इस प्रोजेक्ट पर पाइलिंग मशीनों से तेजी से काम किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में सेक्टर 9 से DLF साइबर सिटी तक सेक्शन जोड़ा गया है और तीसरे फेज में सेक्टर 33 में मेट्रो डिपो का निर्माण किया जाने वाला है।
दूसरे फेज में ये 9 स्टेशन होंगे शामिल
मेट्रो डिपो (metro depot updates) के दूसरे फेज में जो 9 स्टेशन शामिल है। उन स्टेशन में सेक्टर-7, सेक्टर-4, सेक्टर-5, अशोक विहार, सेक्टर-3, बाजघेड़ा, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, और सेक्टर-23A का नाम शामिल है, इनमे से कई स्टेशन का निर्माण एलिवेटेड सड़कों पर किया जाएगा।
जमीन का यूज करके होगा स्टेशनों का आवागमन
इन 9 स्टेशनों पर आवागमन के लिए पास की जमीन का यूज किया जाएगा, इनमे ग्रीन एरिया और प्राइवेट प्रॉपर्टी शामिल हैं। जानकारी के लिए बता दें कि GMRL ने HSVP एडमिनिस्ट्रेटर और एस्टेट ऑफिसर से जमीन के बारे में जानकारी मांगी हैं। जमीन HSVP की है, तो फ्री में मिल जाएगी। अगर प्राइवेट जमीन ली जाती है तो इसके लिए जिला उपायुक्त की अध्यक्षता वाली एक कमेटी मालिकों के साथ वार्तालाप करके खरीदने का प्रोसेस पूरा होगा।
रेलवे स्टेशन तक जोड़ा जाएगा एक ओर रुट
इसके साथ ही एक ओर योजना तैयार की गई है, जिसके मुताबिक सेक्टर-5 से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन (गुरुग्राम रेलवे स्टेशन ) तक तकरीबन 2 किलोमीटर का अतिरिक्त रूट जोड़ा जाएगा। इसके लिए दो नए स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इसमे पहले प्रस्तावित भोंडसी-रेलवे स्टेशन मेट्रो लाइन (Bhondsi-Railway Station Metro Line) का हिस्सा शामिल था, लेकिन बाद में इसे पुराने गुरुग्राम मेट्रो में जोड़ा गया है। इसका फायदा यह होगा कि इससे पुराने शहर की रेल कनेक्टिविटी कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी।
कितनी आएगी प्रोजेक्ट की लागत
इस मेट्रो डिपो के तीसरे फेज में सेक्टर 33 में तकरीबन 45 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। लागत की बात करें तो इसकी अनुमानित लागत 409 करोड़ रुपये हैं। डिपो के लिए टेंडर भी जल्द जारी होगा और समय पर निर्माण का काम पूरा करने का मकसद है, लेकिन प्रोजेक्ट में कई अड़चनें भी आ रही है। इस प्रोजेक्ट के दौरान हीरो होंडा चौक से सेक्टर 101 तक मेट्रो रूट (NCR Development Project) में कई कानूनी व गैर-कानूनी प्रोपर्टी रूकावटें बन रही है। अभी तो फिलहाल GMRL और HSVP सड़क के सर्वे का का काम कर रहे हैं। सर्वे का काम पूरा होते ही भूमि अधिग्रहण नीति के तहत स्ट्रक्चर को हटाने का प्रोसेस शुरू होगा।
सड़क के बीच में बनेंगे स्टेशन
बता दें कि यह प्रोजेक्ट (Metro Depot) 28.5 किलोमीटर लंबा बनाए जाने वाला है और इसमे 27 एलिवेटेड स्टेशन और एक डिपो स्टेशन (depot station) को शामिल किया गया है। GMRL अधिकारियों का कहना है कि कई स्टेशन सड़क के बीच में निर्मित किए जाएंगे, जिसका फायदा यह होगा कि ट्रैफिक का दबाव कम होगा और इस प्रोजेक्ट से पुराने गुरुग्राम के लोगों को बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का फायदा मिलेगा।
