इस बार दिवाली लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बेहद खास साबित हो सकती है। सरकार उन्हें वेतन और पेंशन में सीधी बढ़ोतरी का तोहफा देने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है।
7वें वेतन आयोग के तहत आखिरी बार बढ़ेगा DA

जानकारों का मानना है कि सातवें वेतन आयोग के नियमों के तहत यह बढ़ोतरी आखिरी होगी। आठवें वेतन आयोग के 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। ऐसे में इस बार का संशोधन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए और भी अहम हो जाता है।
कितना बढ़ सकता है महंगाई भत्ता
फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। लेकिन ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, इसमें 3 से 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। अगर सरकार इसमें 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी करती है तो यह 59 प्रतिशत हो जाएगा, जबकि 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने पर यह 58 प्रतिशत हो जाएगा।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आय में वृद्धि
अगर डीए में 3 फीसदी की बढ़ोतरी होती है तो 18,000 रुपये बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारी के मासिक वेतन में 540 रुपये की बढ़ोतरी होगी। वहीं, 9,000 रुपये पेंशन लेने वाले पेंशनभोगियों को हर महीने 270 रुपये का अतिरिक्त फायदा होगा। अगर बढ़ोतरी 4 फीसदी तक हो जाती है तो यह फायदा और भी ज्यादा हो जाएगा।
मिलेगा बकाया का लाभ

सरकार ने महंगाई भत्ते की नई दरें 1 जुलाई से लागू करने पर विचार किया है। हालाँकि, इसकी घोषणा सितंबर या अक्टूबर में की जाएगी। ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का एरियर भी एक साथ मिलेगा। इससे त्योहारी सीज़न में उनकी जेब थोड़ी भारी हो जाएगी।
वर्ष में दो बार पुनरीक्षण किया जाता है
केंद्र सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते की समीक्षा करती है। जनवरी और जुलाई में इसे संशोधित किया जाता है, लेकिन आमतौर पर इसकी घोषणा कुछ महीने बाद की जाती है। इसके लिए सरकार श्रम ब्यूरो द्वारा जारी औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आंकड़ों का उपयोग करती है। DA का निर्धारण पिछले 12 महीनों के औसत CPI-IW के आधार पर किया जाता है, और पूरा संशोधन 7वें वेतन आयोग के प्रावधानों के अनुसार होता है।