धान के खेत में अगर मोथा घास है तो इससे फसल को नुकसान होगा उत्पादन आगे चलकर कम मिलेगा तो चलिए जानते हैं इसे कैसे हटाए-
धान की फसल को मोथा घास से नुकसान
धान के खेत में मोथा घास की समस्या इस समय देखी जा रही है। बरसात का मौसम है धान की फसल को पानी की ज्यादा जरूरत पड़ती है। इसलिए खेतों में खरपतवार अधिक उगती है। मोथा घास भी एक खतरनाक खरपतवार होती है। यह धान की फसल से खाद और पानी में प्रतिस्पर्धा करती है। जिससे फसल को पोषण का मिलता है। खरपतवार धीरे-धीरे फैलती जाती है। इसमें ऊपर तो पत्तियां होती है, नीचे जड़ भी होती है। जो की फसल को हर तरह से नुकसान पहुंचाती है। अगर समय पर इसको नियंत्रित नहीं किया तो बाद में मुश्किल हो जाता है।
मोथा घास हटाने के लिए दवाई
मोथा घास अगर बहुत ज्यादा बढ़ गई है तो इसके लिए दवाई डाल सकते हैं। यह दवाई एथॉक्सीसल्फरॉन 15 WDG है। मात्रा की बात करें तो 1.5 एमएल दवा का इस्तेमाल करने के लिए 35 से 40 लीटर पानी में इसे मिला लीजिए, और इसका छिड़काव घास के ऊपर कर दीजिए। जिससे यह घास खत्म हो जाएगी। अगर जैविक तरीका अपनाना चाहते हैं तो उसके लिए निराई-गुड़ाई करना होता है। साथ ही हर साल अलग-अलग फसले लगानी चाहिए। फसल चक्र करना चाहिए। जिससे भी खरपतवार कम उगती है। वही मल्चिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस दवाई के बारें में जानें
धान के खेत के लिए एथॉक्सीसल्फरॉन 15 WDG बढ़िया मानी जाती है। यह एक पोस्ट-इमर्जेंस शाकनाशी है। जिसमें धान की फसल में खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए यह काम आती है। यह एक व्यापक स्पेक्ट्रम शाकनाशी है जो सेज और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नियंत्रित करने में मददगार है। खरपतवार नहीं होगी तभी तो उत्पादन बढ़िया मिलेगा।