भारत-नेपाल सीमा विवाद एक बार फिर गर्मा गया है। नेपाल ने अपने नए 100 रुपये के नोट पर लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को शामिल करते हुए ऐसा नक्शा छापा है, जिसे भारत अपनी सीमा का हिस्सा मानता है। इस कदम ने दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा दिया है, और भारतीय सरकार ने इस पर तीखी आपत्ति दर्ज कराई है।
भारत ने कदम को बताया संप्रभुता का उल्लंघन
नई दिल्ली ने नेपाल की इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया:
➡️ “यह एकतरफ़ा कदम है, जिससे ज़मीनी हकीकत नहीं बदलती।”
➡️ भारत ने साफ कर दिया है कि विवादित इलाकों पर उसकी स्थिति पहले की तरह ही कायम है।
भारत ने नेपाल सरकार को यह भी संदेश दिया कि इस प्रकार का कदम आपसी संबंधों और संवाद के माहौल को नुकसान पहुंचाता है।
नेपाल ने नए सुरक्षा फीचर्स के साथ नोट किया जारी
नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने हाल ही में यह नोट जारी किया है। बैंक ने कहा कि नए 100-रुपये के नोट में सुरक्षा फीचर्स को अपडेट किया गया है ताकि नकली नोटों को पहचानना आसान हो सके।
✔ पिछले साल अक्टूबर में ये नोट चीन की कंपनी चाइना बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन से छपवाए गए थे।
✔ नोट के डिजाइन को मई 2024 में उस समय की केपी शर्मा ओली सरकार ने मंजूरी दी थी।
नेपाल ने 2020 में संविधान संशोधन के जरिए नया राजनीतिक नक्शा जारी किया था, जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को अपने क्षेत्र के रूप में दिखाया गया था— ठीक वही नक्शा अब मुद्रा पर भी छाप दिया गया है।
कैसा दिखता है नया नेपाली 100 रुपये का नोट?
नए नोट में कई नए विजुअल और सुरक्षा फीचर्स शामिल किए गए हैं:
🔹 मुख्य डिज़ाइन तत्व
- सामने की ओर एक सींग वाला गैंडा और उसका बच्चा
- बाईं तरफ माउंट एवरेस्ट
- दाईं तरफ रोडोडेंड्रोन फूल का वॉटरमार्क
- मध्य में नेपाल का विवादित नक्शा + अशोक स्तंभ
- बाईं ओर सिल्वर इंक में माया देवी की छवि
🔹 विशेष फीचर
- दृष्टिबाधित लोगों के लिए अशोक स्तंभ के पास उभरा हुआ काला डॉट
- रंग व आकार पुराने डिजाइन की तरह ही रखा गया है
नेपाल राष्ट्र बैंक एक्ट के अनुसार अंतिम अनुमोदन सरकार देती है, जिससे साफ है कि यह कदम सरकारी स्तर पर सोच-समझकर उठाया गया है।
क्यों बढ़ रहा है विवाद?
लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा भारत के उत्तराखंड राज्य में आते हैं और भारत इन्हें अपनी सीमा का अभिन्न हिस्सा मानता है। नेपाल का दावा है कि ये क्षेत्र उसके ऐतिहासिक अधिकार में आते हैं।
नई मुद्रा पर नक्शा छापना इस विवाद को फिर से उभार सकता है और दोनों देशों के रिश्तों में नई तनावरेखा खींच सकता है।
