सरकार ने देश के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिकों को मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि में 100 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। इस फैसले से अब शिक्षा, विवाह और जीवनयापन से जुड़ी मदद की राशि दोगुनी हो जाएगी। नई दरें 1 नवंबर 2025 से प्रभावी होंगी।
पूर्व सैनिकों के लिए बढ़ी आर्थिक मदद
रक्षा मंत्रालय की यह पहल केंद्रीय सैनिक बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत लागू की जाएगी। यह कदम उन वीर सैनिकों के सम्मान में उठाया गया है जिन्होंने देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया।
65 वर्ष से अधिक आयु के उन पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को, जिनकी कोई स्थायी आय नहीं है, अब गरीबी अनुदान के तहत 4,000 रुपये की जगह 8,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह सहायता जीवनभर जारी रहेगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर पूर्व सैनिकों को स्थायी राहत मिल सकेगी।
शिक्षा और विवाह सहायता में भी दोगुनी बढ़ोतरी
सरकार ने पूर्व सैनिकों के परिवारों को शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा लाभ दिया है। अब शिक्षा अनुदान 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यह सहायता दो आश्रित बच्चों (कक्षा 1 से स्नातक तक) या उन विधवाओं को मिलेगी जो दो वर्ष की स्नातकोत्तर पढ़ाई कर रही हैं।
वहीं, विवाह सहायता को भी 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। यह अनुदान पूर्व सैनिकों की दो बेटियों या विधवा के पुनर्विवाह के लिए दिया जाएगा। यह लाभ केवल आदेश जारी होने के बाद हुए विवाहों पर लागू होगा।
1 नवंबर से लागू होंगी नई दरें
इन नई दरों को 1 नवंबर 2025 से लागू किया जाएगा। सरकार के अनुसार, इससे हर साल लगभग 257 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय होगा, जिसका वहन सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष (AFFDF) द्वारा किया जाएगा।
रक्षा मंत्री पूर्व सैनिक कल्याण कोष, जो AFFDF का ही एक हिस्सा है, इन योजनाओं को वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। सरकार का यह कदम उन पूर्व सैनिकों, विधवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सुरक्षा कवच की तरह है जिन्हें नियमित पेंशन नहीं मिलती।
संक्षेप में, यह फैसला देश के उन वीर सपूतों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया।
