नई दिल्ली: भारतीय प्रॉपर्टी खरीदारों को चेतावनी दी गई है कि वे विदेश में संपत्ति खरीदने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड (ICC) का इस्तेमाल न करें। विशेषज्ञों का कहना है कि यह न केवल कई देशों के कानूनों का उल्लंघन है बल्कि गंभीर आर्थिक और कानूनी जोखिम भी पैदा कर सकता है।
🔹 क्रेडिट कार्ड सिर्फ करेंट अकाउंट ट्रांज़ैक्शंस तक सीमित
रियल एस्टेट और टैक्स विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि क्रेडिट कार्ड का उपयोग केवल करेंट अकाउंट ट्रांज़ैक्शंस (जैसे शॉपिंग, यात्रा, शिक्षा आदि) के लिए ही किया जा सकता है।
- विदेश में संपत्ति खरीदना कैपिटल अकाउंट ट्रांज़ैक्शन माना जाता है।
- इसलिए ICC से प्रॉपर्टी का भुगतान करना सीधे तौर पर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नियमों का उल्लंघन है।
हाल ही में कुछ भारतीय खरीदारों को दुबई में प्रॉपर्टी खरीदते समय इसी कारण नियामक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
🔹 FEMA और RBI के नियम
एंडरसन यूएई के सीईओ अनुराग चतुर्वेदी ने बताया कि भारतीय कानून, विशेषकर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत विदेशों में संपत्ति खरीदना कैपिटल अकाउंट ट्रांज़ैक्शन है।
- RBI ने साफ किया है कि इस तरह के निवेश सिर्फ लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत ही संभव हैं।
- LRS के अनुसार, भारतीय निवासी एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम $250,000 तक अधिकृत बैंकों के माध्यम से विदेश भेज सकते हैं।
- इस प्रक्रिया में टैक्स अनुपालन और नियामक निगरानी भी शामिल रहती है।
इसलिए विदेशों में प्रॉपर्टी का भुगतान केवल अधिकृत बैंक और उचित दस्तावेज़ीकरण के साथ ही होना चाहिए।
🔹 उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई संभव
चतुर्वेदी ने चेतावनी दी कि नियम तोड़ने पर खरीदार को RBI, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का सामना करना पड़ सकता है।
साथ ही, क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर अतिरिक्त आर्थिक नुकसान भी होता है, जैसे:
- उच्च ब्याज़ दरें
- विदेशी मुद्रा शुल्क
- लेट फीस
🔹 विशेषज्ञों की सलाह
JSB इन्कॉरपोरेशन के सीईओ गौरव केसवानी ने भी कहा कि भारतीय निवेशकों को दुबई या किसी भी विदेशी देश में प्रॉपर्टी खरीदते समय FEMA और LRS का पालन करना चाहिए।
- सभी भुगतान केवल अधिकृत बैंकिंग चैनल से हों।
- खरीदार के पास कम से कम एक साल पुराना बैंक खाता होना चाहिए।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि डेवलपर्स और एजेंटों की ज़िम्मेदारी है कि वे लेन-देन को पारदर्शी और नियमों के अनुरूप रखें।
👉 निवेशकों को सलाह दी गई है कि किसी भी विदेशी संपत्ति में पैसा लगाने से पहले कानूनी और वित्तीय सलाह अवश्य लें और सभी भुगतान सही बैंकिंग चैनल से ही करें।
✅ संक्षेप में: विदेश में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग बेहद जोखिमभरा और गैरकानूनी है। भारतीय खरीदारों को केवल अधिकृत बैंकिंग चैनल और LRS स्कीम का पालन करना चाहिए।