नई दिल्ली / वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए अतिरिक्त 25% टैरिफ आज, बुधवार सुबह 9 बजे से प्रभावी हो जाएंगे। इससे पहले अमेरिका ने भारत पर पहले से ही 25% टैरिफ लागू किया हुआ था, जो 7 अगस्त से लागू चल रहा था। अब कुल मिलाकर भारत को 50% तक का टैरिफ झेलना होगा। इस कदम से विभिन्न उद्योगों पर असर पड़ेगा—विशेषकर कपड़ा, आभूषण, समुद्री उत्पाद, कार्पेट, फर्नीचर, स्टील, रसायन, ऑटो पार्ट्स और फार्मास्युटिकल्स सहित इलेक्ट्रॉनिकों को।
ट्रम्प का टैरिफ का कारण और भारत-पाक तनाव
ट्रम्प ने यह 25% अतिरिक्त टैरिफ इसलिए लगाया क्योंकि भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा। ट्रम्प की ओर से चेतावनी और धमकी देने के बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीदी बंद नहीं की—जिसके बाद यह फैसला लागू किया गया। भारत ने इस कदम की तीखी आलोचना की है और इसे गलत और गैर न्यायिक बताया है। वहीं रूस ने भारत का समर्थन करते हुए कहा कि हर देश को अपना ट्रेड पार्टनर चुनने का अधिकार है।
सबसे अधिक प्रभावित सेक्टर और कारोबारी—खास रेखाएं:
1. कपड़ा उद्योग
- भारत से अमेरिका को सालाना लगभग US$10 अरब (~₹86,000 करोड़) का कपड़ा निर्यात होता है।
- अब 50% टैरिफ की मार सबसे अधिक कपड़ा उद्योग पर ही पड़ेगी।
- निर्यातकों को अब बांग्लादेश और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धियों के साथ तेज़ मुकाबले का सामना होगा।
2. आभूषण और रत्न उद्योग
- भारत से अमेरिका को वार्षिक US$9–10 अरब (~₹86,000 करोड़) मूल्य का रत्न और आभूषण निर्यात होता है—जो विश्व व्यापार का 33% हिस्सा है।
- सूरत के हब में अमेरिकी माल पर शिपमेंट रोके जा चुके हैं, और कंपनियों ने छंटनी शुरू कर दी है।
3. समुद्री भोजन (सी-फूड)
- विशेषकर झींगा उद्योग पर बड़ा असर पड़ेगा।
- भारत हर साल अमेरिका में लगभग ₹20,000 करोड़ के झींगे निर्यात करता है, जो उसकी मरीन निर्यात का लगभग 50% है।
- नया टैरिफ लागू होने पर प्रभावी टैरिफ 60% हो जाएगा—इक्वाडोर जैसे प्रतियोगियों के मुकाबले यह बहुत उच्च है।
4. कार्पेट और फर्नीचर उद्योग
- भारत का लगभग 50% कार्पेट और 60% होम टेक्सटाइल अमेरिका को निर्यात होता है।
- पहले से मांग कम रही है, अब टैरिफ बढ़ने पर निर्यात और अधिक मुश्किल हो जाएगा।
5. स्टील और रसायन उद्योग
- भारत से अमेरिका को वार्षिक ₹4,300 करोड़ का स्टील और ₹20,000 करोड़ का रसायन निर्यात जाता है।
- नए टैरिफ ने रसायनों पर प्रभावी दर को 54% तक पहुंचा दिया है।
6. ऑटो पार्ट्स उद्योग
- ऑटो पार्ट्स निर्यात में भारत की हिस्सेदारी करीब 3.5% है।
- हालांकि कुल मात्रा कम है, लेकिन ट्रांसमिशन और गियरबॉक्स जैसे प्रोडक्ट्स पर भारत की अमेरिका में लगभग 40% हिस्सेदारी है—इन पर असर निश्चित ।
7. फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक उद्योग
- भारत का लगभग 30% निर्यात (करीब US$27.6 अरब) अमेरिका को जाता है।
- इस समय इन पर टैरिफ नहीं हैं, लेकिन आने वाले समय में इन पर भी टैरिफ लागू हो सकते हैं, जैसा कि ट्रम्प प्रशासन ने संकेत दिए हैं।
निष्कर्ष
आज सुबह 9 बजे से लागू 50% टैरिफ न सिर्फ व्यापारिक लागत बढ़ा देंगे, बल्कि कई उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में चुनौती का सामना करना पड़ेगा। इससे व्यापारिक रणनीति, रोजगार, और निर्यात अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर हो सकता है।