मध्य प्रदेश के साढ़े तीन लाख पेंशनर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे के निर्देश के चलते उनकी पेंशन में रुकावट आ सकती है। आयुक्त ने नगरीय निकायों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र के पेंशनर्स के लिए समग्र आईडी ई-केवाईसी की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करें। अगर यह काम पूरा नहीं हुआ तो अगले महीने से पेंशन बंद हो सकती है। अब विभाग के अपर आयुक्त ने भी नगरीय निकायों को ई-केवाईसी का काम तेजी से पूरा करने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

ई-केवाईसी अनिवार्य क्यों है?
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ प्राप्त करने के लिए समग्र आईडी की ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य है। इसके लिए नगरीय निकायों को अपने क्षेत्रों में ई-केवाईसी के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पेंशनधारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पेंशनभोगियों की मुश्किलें बढ़ीं
राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय में यह बात सामने आई है कि पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे बड़ी संख्या में पेंशनरों की समग्र आईडी की ई-केवाईसी अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जिन पेंशनरों की ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई है, उनकी पेंशन अगले महीने से रोकी जा सकती है।
3.5 लाख पेंशनभोगियों का ई-केवाईसी लंबित

समाज कल्याण विभाग ने इस काम को पूरा करने के लिए 31 अगस्त 2025 की समय सीमा तय की थी। जानकारी के अनुसार, राज्य में 3.5 लाख से अधिक पेंशनरों का ई-केवाईसी लंबित है। अतिरिक्त आयुक्त कैलाश वानखेड़े ने नगरीय निकायों को ई-केवाईसी कार्य की रिपोर्ट प्रतिदिन विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने को कहा है। साथ ही, यह निर्देश दिया है कि जिन लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, उनकी जानकारी स्थानीय स्तर पर सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित की जाए, ताकि वे जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा कर सकें। पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है, लेकिन इससे उन पेंशनरों की परेशानी बढ़ गई है, जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है।
