वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें “शानदार व्यक्ति” बताया और दावा किया कि उनके दखल से भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसी स्थिति टल गई। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने भारत पर नई टैरिफ पाबंदियां लागू कर दी हैं और प्रधानमंत्री मोदी अपने अहम चीन दौरे की तैयारी में हैं।
ट्रंप का दावा: फोन कॉल से टली जंग
व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि मई में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की थी। ट्रंप ने दावा किया,
“मैंने उनसे कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका भारत पर ट्रेड बैन और इतना भारी टैरिफ लगाएगा कि आपका सिर चकरा जाएगा। मैंने यह भी कहा कि जब तक शांति नहीं होगी, मैं आपके साथ कोई ट्रेड डील नहीं करूंगा।”
ट्रंप का कहना है कि उनकी बातचीत के कुछ ही घंटों के भीतर हालात सामान्य होने लगे और दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति टल गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस दौरान कई विमान गिराए गए थे, हालांकि इस संबंध में उनके बयानों में पहले भी विरोधाभास रहा है।
भारत का जवाब: तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं
नई दिल्ली ने ट्रंप के इन दावों को एक बार फिर खारिज किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, 10 मई को हुआ संघर्षविराम पूरी तरह भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय बातचीत का नतीजा था।
भारत ने साफ कहा है कि पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों ने खुद पहल कर संपर्क साधा और हालात सामान्य करने पर सहमति जताई। इसमें अमेरिका या किसी अन्य तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी।
नई टैरिफ पाबंदियां: भारत पर बढ़ा बोझ
ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका ने भारत पर नई टैरिफ पाबंदियां लागू की हैं। 27 अगस्त से लागू इन पाबंदियों के बाद भारतीय उत्पादों पर कुल कर बोझ लगभग 50% तक पहुंच गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे समय में प्रधानमंत्री मोदी को “शानदार व्यक्ति” कहना ट्रंप की रणनीतिक चाल भी हो सकती है ताकि व्यापारिक तनाव को संतुलित किया जा सके।
चीन दौरे से पहले बयान के मायने
ट्रंप का यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने बहुप्रतीक्षित चीन दौरे की तैयारी में हैं। कूटनीतिक हलकों का मानना है कि ट्रंप के बयान का मकसद सिर्फ व्यक्तिगत प्रशंसा नहीं बल्कि एशिया में शक्ति संतुलन पर असर डालना है।
अमेरिका जानता है कि भारत और चीन की नजदीकियां वैश्विक राजनीति को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में ट्रंप का यह संदेश पीएम मोदी और बीजिंग, दोनों के लिए एक संकेत माना जा रहा है।
निष्कर्ष: भू-राजनीति, व्यापार और अमेरिकी राजनीति का मिश्रण
ट्रंप का “मोदी शानदार व्यक्ति हैं” वाला बयान कई स्तरों पर संदेश देता है। यह न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत शैली का हिस्सा है, बल्कि इसके पीछे भू-राजनीतिक संदेश, व्यापारिक दबाव और घरेलू अमेरिकी राजनीति—तीनों झलकते हैं। अब देखना यह होगा कि पीएम मोदी के चीन दौरे से पहले आए इस बयान का भारत-अमेरिका संबंधों और एशियाई कूटनीति पर क्या असर पड़ता है।