लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाहों ने अचानक लोगों में डर पैदा कर दिया। सोशल मीडिया पर तेजी से फैली इन खबरों के कारण कई जगहों पर लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल भरवाना शुरू कर दिया, जिससे कुछ जिलों में लंबी कतारें देखने को मिलीं।
हालांकि, प्रशासन और तेल कंपनियों ने साफ तौर पर कहा है कि राज्य में किसी प्रकार की वास्तविक कमी नहीं है। यह स्थिति केवल अफवाहों और घबराहट के कारण उत्पन्न हुई है।
कुछ जिलों में दिखा असर, लखनऊ में स्थिति सामान्य
अयोध्या, अंबेडकर नगर और बलरामपुर जैसे जिलों में पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ गई और कई जगह ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड तक लग गए। कुछ पंपों पर बिक्री को सीमित भी करना पड़ा।
लेकिन लखनऊ में हालात पूरी तरह सामान्य रहे। यहां के पेट्रोल पंपों पर न तो ज्यादा भीड़ देखी गई और न ही सप्लाई में कोई कमी पाई गई। स्थानीय पंप संचालकों ने बताया कि रोज की तरह ही टैंकर आ रहे हैं और ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त है।
पेमेंट सिस्टम में बदलाव भी बना कारण
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, तेल कंपनियों द्वारा क्रेडिट सिस्टम खत्म कर अग्रिम भुगतान (advance payment) लागू करने से सप्लाई के तरीके में बदलाव आया है। अब डीलर उतना ही ईंधन उठा सकते हैं जितना वे पहले भुगतान करते हैं।
इस बदलाव से कुछ जगहों पर अस्थायी दिक्कतें दिखीं, लेकिन इसे कमी नहीं कहा जा सकता।
देशभर में भी दिखा असर
सिर्फ यूपी ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में भी अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ी। कई जगहों पर अचानक मांग बढ़ने से सप्लाई अस्थायी रूप से प्रभावित हुई, लेकिन केंद्र सरकार और तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें
सरकार और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदें। अनावश्यक खरीद और जमाखोरी से ही ऐसी स्थिति बनती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है।
