ये सब्जी की खेती कम दिनों, कम लागत और कम मेहनत में किसानों के लिए सबसे ज्यादा प्रॉफिट कराने वाली होती है।
ज्यादा कमाई कराने वाली ये सब्जी की करें बुआई
सितंबर के महीने में पालक की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा होती है इसकी डिमांड बाजार में बहुत देखने को मिलती है क्योकि ये सब्जी सबसे ज्यादा पौष्टिक और फायदेमंद होती है पालक की खेती के लिए कीट और रोग प्रतिरोधक किस्म का चुनाव करना चाहिए जिससे उत्पादन अच्छा होता है। हम आपको पालक की पूसा हरित किस्म की खेती के बारे में बता रहे है ये किस्म गहरे हरे रंग की पत्तियों और स्वस्थ डंठलों वाली होती है। इसकी खेती में ज्यादा दिन नहीं लगते है ये किस्म कम से कम 8-10 कटाई तक अच्छा उत्पादन देती है। ये किस्म पत्ती धब्बा और सफेद गेरुआ जैसी बीमारियों के प्रति प्रतिरोधी होती है।

पालक की पूसा हरित किस्म
पालक की पूसा हरित किस्म की खेती किसानों की अच्छी आय कमाने का उच्च माध्यम है इसकी खेती के लिए उचित जल निकासी और कार्बनिक पदार्थ वाली बलुई-दोमट मिट्टी सबसे उत्तम होती है। इसकी बुवाई से पहले खेत को अच्छा जोतकर तैयार करना चाहिए और मिट्टी में कम्पोस्ट खाद डालना चाहिए। बुआई के लिए सितंबर का महीना अच्छा होता है। एक हेक्टेयर में बुआई के लिए लगभग 6-10 किलो बीज की आवश्यकता होती है। बुआई के बाद पालक की पूसा हरित किस्म की फसल लगभग 30-40 दिनों में तैयार हो जाती है।
बंपर होगा उत्पादन
पालक की पूसा हरित किस्म न केवल ज्यादा उत्पादन देने वाली होती है बल्कि ये मार्केट में बहुत ज्यादा हाई डिमांड वाली होती है एक हेक्टेयर में पालक की पूसा हरित किस्म की खेती करने से करीब 450 से 500 क्विंटल तक की उपज मिलती है आप इसकी खेती से लाखों रूपए का मुनाफा कमा सकते है इसकी एक बार की बुवाई से करीब 10 बार कटाई की जा सकती है।