Soybean Bhav Report : देश के किसानों के लिए सोयाबीन इस साल अच्छी कमाई का सोर्च बनता दिख रहा है। महज एक महीने में Soybean Price में ₹320 की तेजी आ चुकी है। कीर्ति प्लांट पर भाव ₹4860 से बढ़कर ₹5200 प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि इतनी तेजी के बाद भी सोयाबीन MSP प्राइस ₹5328 से नीचे चल रहा है। पिछले साल की जबरदस्त पिटाई के बाद इस साल घरेलू बाजार में कम उपलब्धता, आवक की कमजोरी और क्रशिंग के लिए सीमित माल ने कीमतों को लगातार सपोर्ट दिया है। अब सवाल ये है कि क्या अभी भी तेजी बाकी है?
मंडियों में आखिर क्यों रौनक?
फंडामेंटल्स की बात करें तो घरेलू बाजार में सोयाबीन का आधार अभी भी मजबूत है। लेकिन भाव ऊपरी स्तरों पर होने के कारण तेजी रुक-रुक कर बन रही है। अक्टूबर-नवंबर में शुरुआती आवक करीब 33 लाख टन रही, जबकि क्रशिंग लगभग 20.5 लाख टन तक पहुंच गई। इससे अब आगे के महीनों के लिए कैरी-इन स्टॉक काफी कम रह गया है।
क्रशिंग के लिए उपलब्ध सोयाबीन का अनुमान लगभग 104.02 लाख टन बताया गया है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 19 लाख टन कम है। ये साल-दर-साल आधार पर बड़ी कमी है, जो कीमतों को बहुत मजबूती दे रही है।
आयात में गिरावट का असर
Edible Oil Import के आंकड़े भी सपोर्टिव हैं। नवंबर में कुल खाद्य तेलों का आयात घटकर लगभग 11.5-11.8 लाख टन रह गया। कच्चे सोयाबीन तेल का आयात 3,70,661 टन रहा। दिसंबर की शुरुआत में बंदरगाहों पर स्टॉक करीब 2.65 लाख तक आंका गया है। ये आयात में कमी घरेलू सोयाबीन की डिमांड और कीमतों को बढ़ावा दे रही है।
चीन की डिमांड ने बढ़ाया सपोर्ट
वैश्विक स्तर पर China Demand ने [DOC] बाजार को पूरी तरह सपोर्ट किया है। सोमवार को ओम श्री धूलिया प्लांट पर DOC ₹1000 बढ़कर ₹40000 प्रति टन पर पहुंच गया। सोया DOC में जबरदस्त डिमांड के चलते प्लांटों की लेवाली लगातार मजबूत बनी हुई है। इस विदेशी मांग का सीधा असर घरेलू सोयाबीन कीमतों पर दिख रहा है।
