केंद्र सरकार ने छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना की अवधि अब 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दी गई है। कोरोना महामारी के दौरान शुरू हुई यह योजना अब लाखों छोटे कारोबारियों को बिना किसी गारंटी के कम ब्याज पर लोन देकर फिर से अपने पैरों पर खड़े होने का मौका देगी। आइए जानते हैं इस योजना के नए नियमों और फायदों के बारे में।
पीएम स्वनिधि योजना क्या है?

यह योजना जून 2020 में शुरू की गई थी, जब कोविड-19 महामारी के कारण छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य उन्हें फिर से आत्मनिर्भर बनने में मदद करना था। अक्सर इन छोटे कारोबारियों को अपने कारोबार के लिए तुरंत पैसों की ज़रूरत होती है, लेकिन उनके लिए बैंक से लोन लेना आसान नहीं होता। यह योजना बिना किसी गारंटी के लोन देकर उनकी इसी समस्या का समाधान करती है।
योजना की अवधि और ऋण सीमा बढ़ाई गई
27 अगस्त 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना की अवधि बढ़ा दी और इसमें कुछ बड़े बदलाव किए:
योजना अवधि: अब यह योजना 31 मार्च 2030 तक जारी रहेगी। सरकार ने इस पर ₹7,332 करोड़ खर्च करने का निर्णय लिया है।
बढ़ी हुई ऋण सीमा:
पहली किस्त:- अब ₹10,000 की जगह ₹15,000 का लोन मिलेगा।
दूसरी किस्त:- ₹20,000 के स्थान पर ₹25,000 का ऋण दिया जाएगा।
तीसरी किस्त:- यह पहले की तरह ₹50,000 ही रहेगी।
ये सभी ऋण बिना किसी गारंटी के उपलब्ध होंगे, जिससे छोटे विक्रेताओं को बैंक से पैसा जुटाने में कोई परेशानी नहीं होगी।
डिजिटल भुगतान और रुपे कार्ड के लाभ

इस योजना के तहत, समय पर किश्तें चुकाने वाले विक्रेताओं को RuPay क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा। इससे वे अपने व्यवसाय या अन्य ज़रूरतों के लिए आसानी से पैसे का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा, डिजिटल भुगतान अपनाने वालों को ₹1,600 तक का कैशबैक भी मिलेगा। यह कदम डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
योजना का कार्यान्वयन
इस योजना का संचालन आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है, जबकि वित्तीय सेवा विभाग बैंकों के माध्यम से ऋण और क्रेडिट कार्ड की सुविधा प्रदान कर रहा है। 30 जुलाई, 2025 तक, इस योजना के तहत 68 लाख से अधिक लोगों को 96 लाख से अधिक ऋण दिए जा चुके हैं। यह योजना छोटे व्यापारियों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है।
