PAN Card Rules : लेन-देन या फिर पैसे डिपॉजिट करने में अब पैन कार्ड एक अहम दस्तावेज बन गया है। अब हाल ही में पैन कार्ड को लेकर कुछ नियमो में बदलाव किया गया है। पैन कार्ड से जुड़े ये नियम 1 अप्रैल से लागू किए जाएंगे। अब इन नियमों (New Income Tax Rules Pan Card) में बदलाव से कार-प्रॉपर्टी खरीदने वालो को बड़ी राहत मिलेगी। आइए खबर में जानते हैं कि पैन कार्ड से जुड़े किन नियमों में बदलाव किया गया है।
अब नया फाइनेंशियल शुरू होने को है और इससे पहले ही पैन कार्ड डॉक्यूमेंट के कुछ नियमों में बड़ा बदलाव किया जा रहा है।पैन कार्ड के ये बदले हुए नियम 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे। पैन कार्ड के ये बदले हुए नियम (PAN Card Rules ) कार-प्रॉपर्टी खरीदने वालो के लिए बड़ा तोहफा साबित हो सकता है। आइए खबर में जानते हैं इन नियमों के बारे में।
क्यों बदल रही सरकार PAN कार्ड के नियम
सरकार ने बड़े ट्रांजैक्शन पर फोकस करने के लिए पैन कार्ड के नियमों (PAN card rules) में बदलाव किया है। इसके साथ ही सरकार टैक्स सिस्टम को स्मार्ट (Government to make tax system smart) और डेटा-ड्रिवन बनाना चाहती है और आम नागरिकों के लिए अनावश्यक PAN डिटेल देने के झंझट से छुटकारा मिलेगा। इसके साथ ही सरकार हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन पर बेहतर निगरानी रख सकेगी।
नए नियमों के तहत किन चीजों में होगा बदलाव
सरकार ने जिन नियमों में बदलाव किया है। उसमे कार और टू-व्हीक्लस की खरीद पर PAN का नया नियम (pan ke nya niyam) लागू किया है। अब इन नियमों में कैश जमा/निकासी पर PAN की लिमिट में इजाफा किया है और होटल और इवेंट पेमेंट की सीमा में भी बदलाव किया है और प्रॉपर्टी डील्स में PAN की लिमिट डबल कर दी गई है। इसके अलावा इंश्योरेंस अकाउंट पर सख्ती गई है। अब नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 (Income Tax Act) के अनुसार ये नए नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे और मार्च के फर्स्ट वीक में नोटिफिकेशन जारी हो सकता है।
इतने कैश जमा या निकासी पर अनिवार्य होगा पैन
बता दें कि अब नए नियमों के तहत पूरे एक फाइनेंशियल ईयर (financial year) में अगर 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा कैश डिपॉजिट या विड्रा होता है तो PAN कार्ड जरूरी होगा। हालांकि इससे पहले यह लिमिट एक दिन में 50,000 रुपये थी। इससे रोज-रोज की टेंशन से छुटकारा मिलेगा और सालभर की कुल रकम जरूरी होगी।
कब और किन कामों के लिए लगेगा पैन कार्ड
अब पैन कार्ड के इन नए नियमों (new rules for pan card) के तहत कार, SUV, बाइक की कीमत 5 लाख रुपये से ज्यादा तय की गई है तो ऐसे में PAN कार्ड अनिवार्य होगा। इससे पहले के नियम के अनुसार वाहन की खरीदी पर पैन कार्ड जरूरी होता था।
इसके साथ ही होटल बिल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, कन्वेंशन सेंटर या इवेंट मैनेजमेंट का भुगतान कर रहे हैं और बिल 1 लाख रुपये से अधिक होने पर PAN कार्ड अनिवार्य होगा। इससे पहले भी इसकी लिमिट 50,000 रुपये थी।
प्रॉपर्टी खरीद-बेच में पैन कार्ड का नियम
इतना ही नहीं नए नियमों के तहत अगर आप प्रॉपर्टी की खरीद (purchase of property), बिक्री, गिफ्ट, और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट कर रहे हैं और इस एग्रीमेंट की वैल्यू 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गई है। अब 20 लाख रुपये से अधिक रकम पर पैन कार्ड अनिवार्य होगा। जैसे ही नए नियम लागू होते हैं तो इसके बाद आप इंश्योरेंस कंपनी के साथ अकाउंट-बेस्ड रिलेशन शुरू करने पर PAN कार्ड अनिवार्य होगा। हालांकि इससे पहले नियमों के अनुसार PAN कार्ड सिर्फ सालाना लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम (PAN Card Annual Life Insurance Premium) 50,000 से अधिक होने पर जरूरी होता था।
जानिए क्या है नए नियम के फायदे
अब इन नए नियमों से छोटे ट्रांजैक्शन में PAN कार्ड (PAN card for small transactions) दिखाने के झंझट से छुटकारा मिलेगा और साथ ही बड़े खर्च पर टैक्स ट्रेसिंग पक्की हो जाएगी। इसके साथ ही फाइनेंशियल प्लानिंग पहले से अधिक साफ होगा और ग्राहकों को सोच-समझकर कैश यूज करना होगा। वहीं, अगर हाई-वैल्यू खरीदते हैं तो इसके लिए PAN तैयार रखना होगा।
किन लोगों को फॉलो करने होंगे ये नियम
अब 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए नियमों से सैलरी क्लास (Salary class under new rules) , मिडिल क्लास , और डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाले यूजर्स को सुविधा मिलेगी। लेकिन फिर भी हाई कैश यूजर्स या रियल एस्टेट सेक्टर में बॉय-सेल करने वाले लोगों के लिए PAN जरूरी होगा, क्योंकि इसके बीना यूजर्स बड़े खर्च नहीं कर पाएंगे। पैन कार्ड से जुड़े इन नियमों का बैंक, डीलर, होटल सबको फॉलो करना होगा। अगर आप पैन कार्ड नहीं रखते हैं तो आपके बड़े ट्रांजैक्शन अटक सकते हैं और सिस्टम प्री-फिल्ड, ऑटो-ट्रैक होगा।
सबसे पहले करें ये काम
इन नियमों का पालन करने के लिए आपको पहले यह चैक करना होगा कि आपका PAN कार्ड (Pan Card Updates) एक्टिव है या नहीं और यह भी चैक करें कि पैन आधार से लिंक है या नहीं। इसके अलावा बड़े खर्च करने से पहले ही लिमिट जान लें और कैश में लेन-देन करने के बजाय डिजिटल मोड अपनाएं और फाइनेंशियल रिकॉर्ड को क्लीन रखें।
