Expressway : प्रदेश में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब यहां पर एक नया एक्सप्रेसवे बनाया जाने वाला है। ये एक्सप्रेसवे 22 जिले से होकर गुजरेगा। ऐसे में इन किसानों को करोड़ों रुपये का लाभ होगा। बात दें कि एक्सप्रेसवे हरियाणा से यूपी तक बनाया जाएगा। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
यूपी में अब जल्द ही एक और नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। ये नया एक्सप्रेसवे यूपी और हरियाणा के 22 जिलों से होकर गुजरने वाला है। इसकी वजह से रोजाना यात्रा (New Expressway Project) करने वालों को काफी लाभ होगा। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से यूपी में बनने वाले इस एक्सप्रेसवे के बारे में बताने जा रहे हैं। खबर के माध्यम से जानिये इस एक्सप्रेसवे के बारे में।
15 एक्सप्रेसवे का होगा निर्माण
अब उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बनकर सामने आ रहा है। राज्य में लगभग 15 एक्सप्रेसवे बनाये जाएंगे। ऐसे में ये देश में टॉप पर काबिज है। हालांकि, इसमें कुछ संचालित (Expressway in UP) हैं और कुछ निर्माणाधीन हैं तो वहीं कुछ एक्सप्रेसवे प्रस्तावित हैं, जोकि प्रदेश के साथ कई अन्य राज्यों तक सफर को आसान बनाने वाले हैं। इनमें से हरियाणा से पूर्वोंचल की राह आसान बनाने के लिए गोरखपुर-पानीपत तक नए एक्सप्रेसवे (UP New Expressway) के निर्माण की कवायत शुरू की जा चुकी है।
इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस सड़क मार्ग के निर्माण से दोनों राज्यों के साथ दिल्ली-एनसीआर और पंजाब तक का सफर आसान हो जाएगा। इसकी वजह से ट्रेनों (Railway Station in UP) से निर्भरता भी काफी कम हो जाती है। अगर, ये सड़क मार्ग तय समय में कंपलीट हो जाता है तो फिर बिहार तक आसानी से आवागमन किया जा सकता है। इसका मतलब है कि ये मार्ग उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए काफी अहम साबित होने वाला है।
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे का होगा निर्माण
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए गोरखपुर और बस्ती मंडल के 133 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाने वाला है। ये एक्सप्रेसवे सिद्धार्थनगर के बांसी (New Expressway Project) से प्रवेश करते हुए संतकबीरनगर के मेंहदावल, गोरखपुर के सदर एंक कैपियरगंज होते हुए कुशीनगर के हाटा तक निर्मित किया जाने वाला है। इसका मतलब है कि गोरखपुर मंडल में इस एक्सप्रेसवे की लंबाई (New Expressway Length) लगभग 86.24 किलोमीटर तक की होने वाली है।
एक्सप्रेसवे की इतनी होगी लंबाई
फिलहाल, ये एक्सप्रेसवे कहां से गुजरेगा इसके लिए गोरखपुर-बस्ती मंडल (Gorakhpur-Basti division) में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके रूट पर पड़ने वाले सिद्धार्थनगर के बांसी के 37 गांवों में 16.69 किलोमीटर, मेंहदावल के 29 गांवों में 22.5 किलोमीटर, गोरखपुर सदर तहसील में 24 गावों, कैपियरगंज 22 गांवों (Expressway in UP) में 34.22 किलोमीटर और हाटा के 21 गावों में 12.8 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाने वाला है। इसका मतलब है कि जमीन के अधिग्रहण से संबंधित गावों के किसानों पर भारी भरकम मुआवजा मिलने वाला है।
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे का रूट हुआ फाइनल
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 747 किलोमीटर के आसपास बताई जा रही है। इसके रूट में कुल 22 जिले पड़ने वाले हैं। इस एक्सप्रेसवे गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Shamli Expressway) के नाम से भी जाना जाता है। ये शामली जिले के गोगवान जलालपुर के पास से शुरू होकर गोरखपुर तक प्रस्तावित किया गया है। इसमें कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, (Lakhimpur Kheri) लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली से होते हुए हरियाणा के पानीपत तक करीब 22 जिलों को शामिल किया गया है।
इतने लेन के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे पर 4 लेन, 6 या 8 लेन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। फिलहाल, इसे 6 लेन का विकसित किया जा सकता है। आने वाले समय में इसको 8 लेन (8 lane Expressway) तक का भी बनाया जा सकता है। इस मार्ग से दिल्ली-एनसीआर और उधर हरिद्वार जाने के लिए दूसरा नजदीकी एक्सप्रेसवे ले सकते हैं। इसके निर्माण से यात्रा का समय काफी हद तक कम हो जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि इससे 3 से 4 साल (Gorakhpur-Shamli Expressway Kab Banega) में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका मतलब है कि 2028-29 तक इसको ट्रैफिक के लिए खोला जा सकता है।
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे की इतनी होगी लागत
गोरखपुर से शामली तक निर्मित होने वाले इस एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Shamli Expressway) के लिए अनुमानित 35,000 करोड़ रुपये तय की गई है। शामली-गोरखपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर यूपी का तीसरा सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनकर सामने आने वाला है। गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे पंजाब नार्थ ईस्ट कॉरिडोर का एक हिस्सा रहेगा। इस एक्सप्रेसवे से पूरे इलाके में रोड कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियों (Gorakhpur-Shamli Expressway Benefits) को बढ़ावा मिलने वाला है। इसके साथ ही में एक्सप्रेसवे के किनारे तमाम औद्योगिक इकाइयां और होटल, रेस्टोरेंट इत्यादि के खुलने से लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार की सुविधा मिल रही है।
कैपियरगंज तहसील के इन गांवों को किया गया है शामिल
कैपियरगंज तहसील के लक्ष्मीपुर (पचवारा), लक्ष्मीपुर (भारीवैसी), मखनहा, ठकुरापार, भोरहिया, गंगापार, रामपुर कैथवलिया, बेलघाट बुजुर्ग, रमवापुर, दोनफा, भइयाराम, (Gorakhpur-Shamli Expressway Route) जरहद, नयनसर, हिरुआ, बढ़या, चकमाफी, भुइधरपुर, साखी, ताल कोमर, कानापार, नीबा, कंदरखावा गांवों को शामिल किया गया है।
गोरखपुर सदर तहसील के हैं ये गांव
गोरखपुर सदर तहसील के गांव बढ़नी, फुलवरिया, सियारामपुर, महाराजगंज, ठाकुरपुर नंबर एक, ठाकुरपुर नंबर दो, खुटहन खास, जंगल नाकिन, जंगल डुमरी नंबर एक, रामपुर खुर्द, भिस्वा, इस्लामपुर, रामपुर बुजुर्ग, (Gorakhpur-Shamli Expressway) मेंहदिया, जमुनिया, पोखर भिंडा उर्फ चकदहा, समस्तपुर उर्फ मुड़िला, कोटवा, खिरिया, आराजी बरवा, रामपुर थवईपार, गंभीरपुर कम्हरिया, परशुरामपुर, सोनराइच उर्फ बड़ा गांव को शामिल किया गया है।
बांसी सिद्धार्थनगर के इन गांवों को किया गया है शामिल
बांसी सिद्धार्थनगर के बंजारी, बिमौआ खुर्द तप्पा पचहर, पचमोहनी, कम्हरिया, बहादुरपुर, डोड़वार शुक्ल, जमोहनी, जमोहना, भावपुर, पिपरा भइया, भटुली, बरनवार, सोनवा माफी, सुहईरनपुरवा, मुड़िला हिर्दन, छपवा, बेलवा लगुनही, (Gorakhpur-Shamli Expressway) पड़िया बुजर्ग, रोहुआ, महोखवा, बनकटा, कड़जा, बचलाखोर, अकोल्ही, परसा, ढुढ़नी, मझारिया तप्पा मजोरा, मंझरिया तप्पा हाटा, नगवा तप्पा हाटा, नगवा तप्पा कुदारन, सोनरख तप्पा चंवर, सोनवलिया तप्पा कुदारन, मिश्रोलिया तौफिर, सिरसिया तप्पा मजोरा, पिपरा शुक्ल को शामिल किया गया है।
मेंहदावल संतकबीरनगर के हैं ये गांव
मेंहदावल संतकबीरनगर के बढ़या, फेउसा, परसा माफी, परसा शुक्ल, महला, पसाई, देवकली, प्रतापपुर, जसवल, रमवापुर, खुजरा खुर्द, नजनी, समोगर, गुदरिहवा, खजुराकला, सिक्टौर, माफी, कुंडवा, जमुवरिया खुर्द, जमुवरिया कला, रक्सा, भरवलिया मिश्र, कुसोना कला, जमोहरा, मुड़ली, डुमरिया बाबू, इंदरपुर, कौवाठोर, पिडारी कला, चितरुखिया गांवों को शामिल किया गया है।
कुशीनगर हाटा तहसील के शामिल हैं ये गांव
कुशीनगर हाटा तहसील के रामपुर, अगया, होलिया, रामपुर माफी, मगडिहा, सिंदुरिया, विशुनपुर, घोड़ादेउर, खुरहुरिया, बलुआ, तुर्कडिहा, बिंदुआर, सहजौली, सेंदुआर, मुंडेरा, खोट्ठा, सिहुलिया, टिकर, छपिया, बेलवा खुर्द्र, महुवा, अहिरौली गांवों को शामिल किया गया है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से होगा कनेक्ट
ये सड़क मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शामली में बुटराडा क्रास जंक्शन के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कनेक्ट कर दिया जाएगा। फिलहाल हरियाणा के अंबाला तक ग्रीनफील्ड (greenfield expressway) इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य को पूरा किया जा रहा है। इसके बाद इसको आगे पूर्वांचल की ओर गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करने की तैयारी की जा रही है।
