7th Pay Commission Matrix : केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए जल्द ही महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने की खबर है। सातवें वेतन आयोग के तहत काम कर रहे इन कर्मचारियों के लिए यह एक अच्छी खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार डीए/डीआर दर में 3 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा कर सकती है, जिससे कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी-
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए जल्द ही महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने की खबर है। सातवें वेतन आयोग के तहत काम कर रहे इन कर्मचारियों के लिए यह एक अच्छी खबर है। पिछली घोषणाओं को देखते हुए, सरकार सितंबर 2025 में डीए/डीआर दर में 3 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा कर सकती है, जिससे कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी।
इस बढ़ोतरी के बाद यह बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा। बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों (pensioners) के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी।
कितना बढ़ेगा डीए-
महंगाई भत्ता (DA) ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) पर आधारित है, जिसमें हाल ही में वृद्धि हुई है। इसके कारण, केंद्रीय कर्मचारियों को जल्द ही 4% की बढ़ोतरी मिल सकती है, जिससे DA 50% से बढ़कर 54% हो जाएगा। इस बढ़ोतरी से लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों की मासिक आय में वृद्धि होगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी और वे अधिक खरीदारी कर सकेंगे। यह उनके लिए एक बड़ी राहत होगी और आर्थिक रूप से उन्हें सशक्त बनाएगी।
कितनी बढ़ेगी सैलरी-
18,000 रुपये के न्यूनतम मूल वेतन पर, 3 प्रतिशत डीए बढ़ोतरी से 540 रुपये और जुड़ जाएंगे। इससे 7वें वेतन आयोग के तहत 58 प्रतिशत डीए पर कुल न्यूनतम वेतन 28,440 रुपये हो जाएगा। इसी तरह, 3 प्रतिशत डीआर बढ़ोतरी से 9,000 रुपये की न्यूनतम मूल पेंशन में 270 रुपये की वृद्धि होगी, जिससे कुल न्यूनतम पेंशन 58 प्रतिशत की दर से 14,220 रुपये हो जाएगी।
साल में दो बार होता है DA संशोधन-
सरकार द्वारा साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में, महंगाई भत्ते (DA) में संशोधन किया जाता है। इस साल सितंबर की शुरुआत में DA बढ़ोतरी की घोषणा होने की उम्मीद है, जिसका लाभ जुलाई 2025 से मिलेगा।
इसका मतलब है कि कर्मचारियों को बढ़े हुए DA के साथ-साथ पिछली अवधि का एरियर भी मिलेगा। यह वृद्धि त्योहारी सीजन में कर्मचारियों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद होगी, जिससे बाजार में खपत बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।