8th Pay Commission Update : सातवें वेतन आयोग के 10 साल पूरे होने के बाद अब 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लेकिन सरकारी कर्मचारियों के बीच अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि कब नया वेतन आयोग लागू होगा। इस बीच कर्मचारी संगठन सरकार ने 3 तक फिटमेंट फैक्टर रखने की मांग कर रहे हैं ताकि सैलरी में तगड़ा उछाल आए। परंतु, नई सैलरी हाईक के लिए कर्मचारियों को 24 महीनों का इंतजार कर ना होगा। चलिए विस्तार से समझते हैं।
सरकारी नौकरी करने वाले लाखों-करोड़ों कर्मचारी काफी समय से 8वें वेतन आयोग के लागू होने की राह देख रहे हैं। अब 7वें वेतन आयोग को भी दस साल पूरे हो चुके हैं। उम्मीद बनी हुई थी कि 1 जनवरी 2026 से नया वेतन आयोग लागू होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अब यह कंफर्म हो गया है कि 8वें वेतन आयोग के आने में लंबा समय लगेगा। दरअसल, 8वें वेतन आयोग के गठन की चर्चाओं के बीच सरकारी कर्मचारियों की नजरें एरियर (Arrears Update) पर टिकी हैं। हर कोई यही जानना चाहता है कि नया वेतन आयोग (New Pay Commission) कब लागू होगा, सैलरी कितना उछाल आएगा और सबसे बड़ा सवाल यह है कि एरियर कितना मिलेगा। बता दें कि लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम भूमिका निभाएगा। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर एरियर तय होगा।
इस दिन से मिलेगा सैलरी और एरियर का लाभ –
भले ही 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission Latest News) को आने में कितना भी समय क्यों न लगे। इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। हालांकि, सैलरी बढ़ने का ऐलान बाद में हो सकता है, लेकिन बढ़ी हुई सैलरी और एरियर का लाभ कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से मिल सकता है। इसी वजह से लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारी अभी से सैलरी और एरियर का हिसाब लगा रहे हैं।
8वें वेतन आयोग के लागू होने में लगेगा 24 महीने का समय –
पुराने वेतन आयोग का इतिहास देखें तो यह पता चलता है कि नए वेतन आयोग को लागू होने में समय लगता है। जानकारों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें साल 2027 के बीच लागू हो सकती हैं। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को 12 से 24 महीने तक सैलरी हाइक और Arrears मिलने का इंतजार करना होगा। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लागू होने में हो रही देरी से कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि जितना ज्यादा समय लगेगा, उतना अधिक एरियर मिलेगा।
इतना रखा जा सकता है फिटमेंट फैक्टर –
केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी में सबसे अहम रोल फिटमेंट फैक्टर का होता है। फिटमेंट फैक्टर से नई सैलरी तय की जाती है 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था 8वें वेतन आयोग में इसे लेकर अलग-अलग अनुमान हैं, जो 2.0 से लेकर 2.57 तक जा सकते हैं। सैलरी बढ़ोतरी का सीधा सा नियम है कि आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी को फिटमेंट फैक्टर से गुणा किया जाता है और नई बेसिक सैलरी (New Basic Salary) निकल आती है। यदि 2.57 या 3 तक फिटमेंट फैक्टर रखा जाता है तो सैलरी में बंपर उछाल आएगा।
लेवल 1 से 5 की मौजूदा बेसिक सैलरी
7वें वेतन आयोग के हिसाब से लेवल 1 की बेसिक सैलरी (Basic Salary Hike Update)18000 रुपये है। लेवल 2 में यह 19900 रुपये, लेवल 3 में 21700 रुपये, लेवल 4 में 25500 रुपये और लेवल 5 में 29200 रुपये है. इसी बेस पर नई सैलरी और एरियर का पूरा हिसाब लगाया गया है।
फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से नई बेसिक सैलरी
2.0 फिटमेंट फैक्टर तय किया जाता है तो लेवल 1 की बेसिक सैलरी (Basic Salary Hike) 36,000 रुपये हो जाती है।
2.15 पर यही सैलरी बढ़कर 38,700 रुपये तक पहुंच जाएगी। 2.28 फिटमेंट फैक्टर होने पर यही सैलरी 41,040 रुपये महीना होगी। अगर 2.57 फिटमेंट फैक्टर तय हुआ तो यह बेसिक सैलरी 46,260 रुपये तक पहुंच जाएगी।
अगर 2.0 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) रखा जाता है तो लेवल 2 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 39,800 रुपये बनेगी, 2.15 फिटमेंट फैक्टर पर यह सैलरी 42,785 रुपये, 2.28 फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी 45,372 रुपये और 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर 51,143 रुपये महीना तक पहुंच जाएगी।
लेवल 3 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 2.0 पर 43400 रुपये, 2.15 पर 46655 रुपये, 2.28 पर 49476 रुपये और 2.57 पर 55769 रुपये तक पहुंच सकती है।
लेवल 4 में 2.0 फिटमेंट फैक्टर पर बेसिक 51000 रुपये, 2.15 पर 54825 रुपये, 2.28 पर 58140 रुपये और 2.57 पर 65535 रुपये हो सकती है।
लेवल 5 के लिए 2.0 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) पर सैलरी 58400 रुपये, 2.15 पर 62780 रुपये, 2.28 पर 66576 रुपये और 2.57 पर 75044 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
कर्मचारियों को इतना मिलेगा एरियर –
अगर 20 महीने का एरियर (Arrears Update) जोड़ा जाए तो लेवल 1 के कर्मचारी को 2.0 फिटमेंट फैक्टर पर करीब 3.60 लाख रुपये मिल सकते हैं। 2.15 फिटमेंट फैक्टर पर यह 4.14 लाख रुपये, 2.28 पर 4.61 लाख रुपये और 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर 5.65 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। लेवल 2 के लिए यह एरियर 3.98 लाख रुपये से बढ़कर 6.25 लाख रुपये तक जा सकता है।
लेवल 3 में एरियर 4.34 लाख से 6.81 लाख रुपये तक बन सकता है। लेवल 4 के कर्मचारियों को 5.10 लाख से लेकर 8.01 लाख रुपये तक का एरियर मिल सकता है। वहीं लेवल 5 के कर्मचारियों के लिए यह रकम 5.84 लाख से बढ़कर 9.17 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
