लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का इंतजार लंबा
भारत में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8th Pay Commission (8वां वेतन आयोग) बड़ी उम्मीदों से जुड़ा हुआ है। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हुए कई साल हो चुके हैं और अब लाखों कर्मचारी वेतन संरचना (Salary Structure) में बदलाव का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद थी कि 2025 की शुरुआत तक सरकार इसकी घोषणा कर देगी, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
देरी की तीन बड़ी वजहें
सूत्रों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की घोषणा में तीन मुख्य कारण बाधा बन रहे हैं –
1. अभी तक तैयार नहीं हुआ ToR
वेतन आयोग बनाने के लिए केवल घोषणा करना काफी नहीं है। इसके लिए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति करनी होती है और साथ ही Term of Reference (ToR) यानी कार्य-परिधि तय करनी पड़ती है। फिलहाल सरकार ToR को अंतिम रूप नहीं दे पाई है, जिसके चलते प्रक्रिया अटकी हुई है।
2. बजट पर बढ़ता बोझ
7वें वेतन आयोग के बाद केंद्र सरकार के खजाने पर हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा था। मौजूदा समय में जब देश की अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है, सरकार फिलहाल किसी ऐसे कदम से बचना चाहती है जिससे राजकोष पर और दबाव बढ़े। यही वजह है कि वित्त मंत्रालय अभी तक ठोस बजटीय प्रावधान नहीं कर पाया है।
3. नया सैलरी स्ट्रक्चर अभी अधूरा
किसी भी आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है कि वह मौजूदा वेतन ढांचे का अध्ययन करके एक नया सैलरी स्ट्रक्चर तैयार करे। इसमें बेसिक पे, ग्रेड पे, भत्तों और पेंशन सिस्टम तक में बदलाव शामिल होता है। सरकार ने यूनियनों और कर्मचारियों से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन अभी यह शुरुआती दौर में है।
कब तक आ सकती है घोषणा?
कर्मचारियों को उम्मीद थी कि 2025 तक आयोग का गठन हो जाएगा और 2026 तक नई सैलरी लागू हो जाएगी। लेकिन मौजूदा हालात देखकर लगता है कि यह प्रक्रिया और लंबी खिंच सकती है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब तक ToR फाइनल नहीं होता और बजट में प्रावधान नहीं किए जाते, तब तक वेतन आयोग का गठन संभव नहीं है।
क्या हट सकते हैं कुछ भत्ते?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार भी कुछ छोटे भत्तों को खत्म किया जा सकता है, जैसे कि ट्रैवल अलाउंस, स्पेशल ड्यूटी अलाउंस और रीजनल भत्ते। इसके बदले बेसिक वेतन या बड़े भत्तों में बढ़ोतरी की संभावना है, ताकि कर्मचारियों को सीधे नुकसान का सामना न करना पड़े।
कर्मचारियों की बढ़ती बेचैनी
2025 खत्म होने की ओर है और अब कर्मचारी संगठनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। उनका मानना है कि अगर 8वें वेतन आयोग की घोषणा जल्द नहीं हुई तो 2026 में सैलरी रिवीजन की उम्मीद भी कमजोर हो सकती है।
📌 निष्कर्ष
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर असमंजस अभी भी जारी है। सरकार के सामने तीन बड़ी चुनौतियाँ हैं – ToR तैयार करना, बजट का बोझ मैनेज करना और नया सैलरी स्ट्रक्चर फाइनल करना। जब तक ये बाधाएं दूर नहीं होतीं, कर्मचारियों और पेंशनर्स को इंतजार करना पड़ेगा।