8th Pay Commission News : केंद्रीय कर्मचारी आठवें वेतन आयोग के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब इसी बीच आठवें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। आठवें वेतन आयोग के लागू होने पर केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी (Salary of employees) में 34 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। आइए खबर में जानते हैं कि आठवां वेतन आयोग कब तक लागू हो सकता है।
केंद्रीय सरकार की ओर से जनवरी 2025 में साल की शुरुआत में आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर मंजूरी दी गई थी, ताकि केन्द्रीय कर्मियों के वेतन और पेंशन में बदलाव किया जा सके। आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission News) के लागू होने पर करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों को सीधे तौर पर लाभ हो सकता है। आइए खबर में जानते हैं कि आठवें वेतन आयोग के तहत कितनी सैलरी बढ़ सकती है।
कब लागू होगा आठवां वेतन आयोग
दरअसल, आपको बता दें कि आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission)की सिफारिशें 2025 के आखिर तक सरकार के पास भेजी जा सकती है। जानकार का कहना है कि आठवां वेतन आयोग 2026 के जनवरी से लागू किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक वास्तविक तौर पर आठवें वेतन आयोग का गठन नहीं किया गया है। नए वेतन आयोग (8th cpc updates)को कब से लागू किया जाएगा ये इस बार पर डिपेंड करता है कि इसकी सिफारिश रिपोर्ट कब तक सरकार को सौंपी जाती है और जैसे ही उसकी मंजूरी मिलती है तो उसे कब तक केन्द्र सरकार को तरफ से दी जाती है।
कितनी बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी
हालांकि, आठवें वेतन आयोग (Eighth Pay Commission)के गठन के ऐलान के बाद अभी तक आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया गया है। अभी केन्द्रीय कर्मियों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। उम्मीद है कि इस सिफारिश की मंजूरी मिलने के बाद ही आठवें वेतन आयोग को फाइनेंशियल ईयर 2027 (Financial Year 2027)में लागू किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक आठवें वेतन आयोग की सिफारिश के लागू होते ही केन्द्रीय कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में तकरीबन 30 से 34 प्रतिशत का उछाल आ सकता है।
इतनी बढ़ेगी सैलरी-पेंशन
अगर नए वेतन आयोग के तहत केन्द्रीय कर्मचारियों को 30-34 प्रतिशत सेलरी (salary to central government employees) और पेंशन मिलता है तो इससे सरकार पर तकरीबन 1.80 लाख करोड़ रुपये का अतरिक्त बोझ पड़ सकता है। बता दें कि आयोग की सिफारिश के बाद फिटमैंट फैक्टर के अनुसार ही वेतन, पेंशन और भत्ते में उछाल आएगा। अहम बात यह है कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन (salaries of government employees) और पेंशन देश के अंदर महंगाई, कर्मचारियों की जरूरतें और सरकार की वित्तीय क्षमता पर डिपेंड करता है।
कब लागू हुआ था पहला वेतन आयोग
जब भी कोई नया वेतन आयोग गठित किया जाता है तो नए वेतन आयोग की ओर से केन्द्रीय कर्मियों के सैलरी रिवीजन (salary revision of central employees)में महंगाई, देश की अर्थव्यव्सथा के साथ ही आर्थिक असमानता और अन्य चीजों पर भी ध्यान दिया जाता है। इसके साथ ही बोनस, भत्ते और अन्य उन सुविधाओं का भी केलकुलेशन किया जाता है, जिन्हें केन्द्रीय कर्मियों को सैलरी के साथ दिया जाता है। वैसे तो सरकार की ओर से साल 1946 मे वेतन आयोग का गठन किया गया था।