8th Pay Commission : केंद्रीय सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को मंजूरी दी, हाल ही में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी (Minister of State for Finance Pankaj Choudhary) ने राज्यसभा को बताया कि इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी… कहा जा रहा ह कि फिटमेंट फैक्टर के आधार पर इतनी बढ़ेगी सैलरी-
केंद्रीय सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को मंजूरी दी, पर अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति अभी बाकी है. हाल ही में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी (Minister of State for Finance Pankaj Choudhary) ने राज्यसभा को बताया कि इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी. यह आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में बदलाव की सिफारिशें देगा.
मंत्री ने कहा, रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और सभी राज्यों से आठवें वेतन आयोग की शर्तों के लिए जानकारी मांगी गई है. इसकी पुष्टि केंद्रीय मंत्री ने की है. उन्होंने यह भी बताया कि 8वें वेतन आयोग के सदस्यों और अध्यक्ष की नियुक्ति तभी की जाएगी, जब सरकार इसके लिए अधिसूचना जारी कर देगी.
उन्होंने कहा, “आधिकारिक अधिसूचना यथासमय जारी की जाएगी. सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग की अधिसूचना जारी होने के बाद नए पे कमीशन के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी.”
केंद्र सरकार के कर्मचारियों का वर्तमान वेतन-
सातवें वेतन आयोग के अनुसार, केंद्र सरकार (central government) के कर्मचारियों को न्यूनतम 18,000 रुपये की मूल सैलरी मिलती है, जबकि पेंशनभोगियों के लिए न्यूनतम मूल पेंशन 9,000 रुपये है. इस आयोग के तहत अधिकतम मूल वेतन 2,25,000 रुपये है। हालांकि, कैबिनेट सचिव और इसी तरह के उच्च पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को प्रतिमाह 2,50,000 रुपये मिलते हैं.
इसके अलावा सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) के तहत उन्हें 55 प्रतिशत की दर से DA/DR मिलता है. 55 प्रतिशत DA/DR दर पर एक सरकारी कर्मचारी को अब 27,900 रुपये प्रति माह (न्यूनतम मूल वेतन + DA) मिलते हैं, जबकि पेंशनभोगियों को 13,950 रुपये प्रति माह (न्यूनतम मूल पेंशन + DR) मिलते हैं.
नए पे कमीशन के तहत वेतन वृद्धि कैसे निर्धारित की जाती है?
नए पे कमीशन के तहत सैलरी फिटमेंट फैक्टर के आधार पर संशोधित की जाती है. फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा मल्टीप्लायर है, जिसका इस्तेमाल सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन का निर्धारण करने के लिए करती है.वेतन की गणना करने का मूल सूत्र है – संशोधित वेतन = मूल वेतन × फिटमेंट फैक्टर होता है.
फिटमेंट फैक्टर की गणना कैसे की जाती है?
फिटमेंट फैक्टर की गणना के लिए, सबसे पहले वेतन आयोग के समय की महंगाई भत्ते (DA) की दर को आधार फैक्टर में 1 के साथ जोड़ा जाता है। इसके बाद, इस योग पर चयनित प्रतिशत वृद्धि लागू की जाती है। इस प्रक्रिया से संशोधित फिटमेंट फैक्टर प्राप्त होता है, जो वेतन वृद्धि निर्धारित करने में सहायक होता है।
इस संशोधित फैक्टर का उपयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अपडेट सैलरी स्ट्रक्टर की गणना के लिए किया जाता है. अंतिम प्रतिशत और फिटमेंट फैक्टर आर्थिक स्थितियों, सरकारी निर्णयों और आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा.
आठवें वेतन आयोग के लिए संभावित फिटमेंट फैक्टर-
पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के अनुसार, सरकार आगामी वेतन आयोग में 1.92 या 2.08 के फिटमेंट फैक्टर को मंज़ूरी दे सकती है. इस फिटमेंट फैक्टर का उपयोग सरकारी कर्मचारियों के वेतन को निर्धारित करने के लिए किया जाता है. दूसरी ओर, एनसी-जेसीएम के कर्मचारी पक्ष के सचिव शिव गोपाल मिश्रा का मानना है कि अगला वेतन आयोग 2.86 के फिटमेंट फैक्टर की सिफ़ारिश कर सकता है.
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग के तहत 2.57 के फिटमेंट फैक्टर को मंज़ूरी दी थी. इन सभी फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए कहा जा सकता है कि स्वीकृत फिटमेंट फैक्टर 1.8, 1.92, 2.00, 2.08, 2.57 या 2.86 हो सकता है.
विभिन्न फिटमेंट फैक्टर पर संभावित मिनिमम सैलरी में बढ़ोतरी-
1.8 के फिटमेंट फैक्टर के आधा पर कर्मचारियों के लिए संभावित नया न्यूनतम मूल वेतन – 32,400 रुपये और पेंशनभोगियों की नई न्यूनतम मूल पेंशन 16,200 रुपये हो सकती है. वहीं, 1.92 के फिटमेंट कारक पर कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 34,560 रुपये और पेंशनभोगियों के लिए मिनिमम बेसिक पेंशन (minimum basic pension) 17,280 रुपये हो सकती है.
2.00 के फिटमेंट कारक पर कर्मचारियों की मिनिम सैलरी 36,000 रुपये और न्यूनतम मूल पेंशन – 18,000 रुपये होने की संभावना है. इस तरह 2.08 के फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 37,440 रुपये और मिनिमम बेसिक पेंशन – 18,720 रुपये पहुंच सकती है.
सरकार द्वारा फिटमेंट फैक्टर (fitment factor news) को स्वीकार करने के आधार पर कर्मचारियों के वेतन (employees salaries) और पेंशन में बदलाव होगा. यदि सरकार 2.57 के फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) को स्वीकार करती है, तो कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 46,260 रुपये और पेंशन 23,130 रुपये होगा. वहीं, यदि 2.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी बढ़कर 51,480 रुपये और पेंशन (pension) 25,740 रुपये हो जाएगी.