8th Pay Commission : नए वेतन आयोग का गठन हो चुका है। अभी आयोग अपनी रिपोर्ट (Nya Vetan Aayog) तैयार करने में जुटा हुआ है। इसी बीच लोगों के मन में प्रश्न उठ रहे हैं कि आखिर आठवां वेतन आयोग कब लागू होगा। देरी से लागू होगा तो महंगाई भत्ते का क्या होगा। क्या महंगाई भत्ता वेतन आयोग के लागू होते ही मिल जाएगा या फिर महंगाई भत्ते को शून्य कर दिया जाएगा। इसके बारे में काफी बातें स्पष्ट हो गई हैं।
8वां वेतन आयोग कर्मचारियों के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के 1 करोड़ 20 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स के साथ-साथ राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स (Employees and pensioners) को भी नए वेतन आयोग का सवाल तंग कर रहा है। लोग जानना चाहते हैं कि नया वेतन आयोग लागू होने पर क्या क्या बदलाव होंगे और उन्हें इसका क्या फायदा होगा। चलिए जानते हैं नए वेतन आयोग के बारे में हर बात।
कर्मचारियों के मन में क्या है चिंता
देशभर के कर्मचारियो के मन में सबसे पहला सवाल यही उठ रहा है कि नए वेतन आयोग (New Pay Commission Update) के लागू होने पर उनका महंगाई भत्ता बंद तो नहीं हो जाएगा। कर्मचारियों को मिल रहा महंगाई भत्ता आगे किस ट्रेंड के हिसाब से चलेगा। इस बात का जवाब पूर्व के आयोगों की रिपोर्ट में छिपा है।
दिसंबर में खत्म हो जाएगा 7वें वेतन आयोग की मियाद
नए वेतन आयोग के लागू होने की तारीख अभी आई नहीं है। जबकि दिसंबर 2025 में पूराने यानी सातवें वेतन (7th Pay Comission) आयोग की मियाद खत्म हो जाएगी। ऐसे में कर्मचारियों को यह परेशानी भी सता रही है कि कहीं नया वेतन आयोग भी देरी से लागू हो और आगे महंगाई भत्ते का लाभ भी रोक दिया जाए।
संसद सत्र पर है नजर
कर्मचारियों की नजर अब दिसंबर में होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र पर है। इसी सत्र में संदर्भ की शर्तों (term of reference) यानी टर्म ऑफ रेफरेंस पर फैसला होने की संभावना है। टर्म ऑफ रेफरेंस के लागू होने पर कर्मचारियों को नए वेतन आयोग के ढांचे के बारे में काफी कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
18 महीने में सौंपी जा सकती है रिपोर्ट
महंगाई भत्ते को लेकर कर्मचारियों के मन में आशंका इसलिए है क्योंकि नए वेतन आयोग (8th pay commission) की रिपोर्ट को आने में अभी समय लगेगा। नया वेतन आयोग जनवरी 2026 से लागू नहीं हो रहा है, क्योंकि रिपोर्ट को सौंपने में 18 महीने का समय लग सकता है। ऐसे में जनवरी से अगर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत रोक दिया गया तो कर्मचारियों को इसका नुकसान हो सकता है।
नए वेतन आयो को लेकर कर्मचारी है नाराज
कर्मचारियों को नए वेतन आयोग को लेकर उठ रहे भ्रमों के कारण नाराजगी भी दिख रही है। अभी एनसीजेसीएम (NC-JCM) की ओर से कर्मचारियों के पक्ष में चिंता जाहिर की जा रही है। टर्म ऑफ रेफरेंस में कई महत्वपूर्ण बिंदू गायब बताए जा रहे हैं। जिसको लेकर कर्मचारियों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
क्या कहते हैं कर्मचारी
नए वेतन आयोग (8th pay commission TOR) के लिए संदर्भ की शर्तों के बारे में कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार की ओर से उनकी कई मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। सरकार को कर्मचारियों की ओर पूरी जानकारी के साथ मांग पत्र दिया गया है। कर्मचारियों के मन में बड़ी नाराजगी का कारण पेंशन से जुड़ा है। पेंशनर्स के लिए इसमें कोई प्रावधान शामिल नजर नहीं आ रहा है।
पुरानी विसंगतियों को भी रखा गया लंबित
कर्मचारियों की ओर से सवाल उठाए जा रहा है कि नए वेतन आयोग (New Pay Commission Update) के संदर्भ की शर्तों में पुरानी विसंगतियों को भी दूर नहीं किया गया है। यह पहले से ही लंबित है। इसको नजरअंदाज कर दिया गया है। कर्मचारियों की मांग है कि 1 जनवरी 2026 से 50% महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी के साथ मिलाकर दिया जाए और कर्मचारियों को नया वेतन आयोग लागू होने तक अंतरिम राहत दी जाए। यह राहत 20% दी जा सकती है।
पुरानी पेंशन को लेकर भी कर्मचारी उठा रहे मांग
कर्मचारियों की ओर से पुरानी पेंशन को लेकर भी मांग उठाई जा रही है। कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) की बहाली चाहते हैं। इसके साथ ही 18 महीने के महंगाई भत्ते के बकाया को लागू करने की मांग की जा रही है। अनुकंपा नियुक्ति पर भी 5% की सीमा हटाने की मांग की जा रही है। दूसरी ओर सरकार की ओर से आपत्तियों पर जवाब न मिलने से भी कर्मचारी नाराज है। अब कर्मचारियों को संसद सत्र से उम्मीद नजर आ रही है।
क्या है कर्मचारियों के प्रमुख सवाल
कर्मचारियों के दो प्रमुख सवाल वेतन और महंगाई भत्ते (DA Hike) से जुड़े हैं। पहला सवाल तो यह है कि क्या नए वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से ही लागू किया जाएगा या फिर इसको आगे सरकाया जा सकता है। जबकि दूसरा सवाल है कि क्या कर्मचारियों को दिसंबर 2025 के बाद महंगाई भत्ता मिलना बंद हो जाएगा। चलिए समझते हैं इस बारे में-
जनवरी 2026 से ही लागू होगा नया वेतन आयोग
इतिहास बताता है कि जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है तो वह तय समय (Kab Lagu Hoga 8va vetan aayog) से ही लागू होता है। इसकी घोषणा में देरी हो सकती है। उदाहरण के हिसाब से देखें तो सातवें वेतन आयोग को जून 2016 में कैबिनेट से मंजूरी दी गई थी जबकि इसको 1 जनवरी 2016 से लागू किया गया था। इसी प्रकार छठा वेतन आयोग 1 जनवरी 2006 से लागू हुआ है, जबकि कैबिनेट ने इसको अगस्त 2008 में मंजूर किया था। इसमें साफ हो रहा है कि मंजूरी देरी से होने पर कर्मचारियों को एरियर के साथ रुपया दिया जाता है।
महंगाई भत्ते पर क्या है उदाहरण
पिछला इतिहास बताता है कि जब तक नया वेतन आयोग (New Pay Commission Update) लागू नहीं होता है, महंगाई भत्ते को बढ़ाना जारी रखा जाता है। ऐसे में इस बार भी ऐसा ही होने की संभावना है। महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 से भी बढ़ता ही रहेगा।
नए वेतन आयोग में महंगाई भत्ते का क्या होगा
अब सवाल उठता है कि नए वेतन आयोग में महंगाई भत्ते (DA in New Pay Commission) का क्या होगा तो इस पर इतिहास बताता है कि जब नए वेतन आयोग की रिपोर्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिल जाएगी तो नए वेतन आयोग की समय अवधि के दौरान बढ़े हुए महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा। इसको जीरो से ही शुरू किया जाएगा। ऐसा पिछले वेतन आयोग में हो चुका है।
