8th Pay Commission : नए वेतन आयोग के तहत लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसे समझना अब आसान हो गया है। फिटमेंट फैक्टर और रिवाइज्ड बेसिक के हिसाब से एरियर और मासिक सैलरी दोनों में बदलाव होगा। कम सैलरी वाले कर्मचारियों से लेकर लेवल 5 तक सभी को फायदा मिलेगा… आइए नीचे खबर में समझ लेते है इसका पूरा कैलकुलेशन-
8वें सेंट्रल पे कमीशन (CPC) ने हाल ही में अपनी ऑफिशियल वेबसाइट लॉन्च की है। यह सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और अलाउंस में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कमीशन ने MyGov पोर्टल पर एक क्वेश्चनेयर (questionnaire) के जरिए मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारियों से फीडबैक भी मांगा है। केंद्रीय कर्मचारियों (central employees) को अब एरियर पेमेंट और आठवें पे कमीशन की सिफारिशों के लागू होने की तारीख का बेसब्री से इंतजार है।
जानें कब मिलेगा एरियर-
सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें CPC की घोषणा की थी और इसे फाइनेंस मिनिस्ट्री ने 3 नवंबर के नोटिफिकेशन (notifcation) के जरिए लागू किया। पिछले पे पैनल की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो गई थी और 8वें CPC की प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 है। इसलिए केंद्रीय कर्मचारियों (central employees) को 1 जनवरी से लागू होने वाली पेंशन और सैलरी का एरियर मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, 8वें CPC की सिफारिशें लागू होने में एक साल या उससे अधिक समय लग सकता है। लेवल 1 से 5 के लाखों कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी, 2.0 या उससे अधिक फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) के तहत, लाखों रुपये में एकमुश्त पेमेंट के रूप में बदल सकती है।
कैसे कैलकुलेट किया जाता है एरियर-
8वें पे कमीशन के तहत एरियर का हिसाब महीने की सैलरी के अंतर को उन महीनों से गुणा करके किया जाता है जिनमें पेमेंट में देरी हुई है। रिवाइज्ड सैलरी, 7वें CPC की मौजूदा बेसिक सैलरी पर तय फिटमेंट फैक्टर लगाकर निकाली जाती है। एरियर में आमतौर पर बेसिक सैलरी (basic salary) का अंतर और महंगाई भत्ता (DA) का अंतर शामिल होता है। कुल रकम देरी की अवधि पर निर्भर करती है, जो आमतौर पर 18 से 24 महीने तक हो सकती है।
लेवल 1-5: एरियर का सैंपल हिसाब-
लेवल 1-5 के कर्मचारियों के लिए एरियर का उदाहरण 2.0, 2.15, 2.28 और 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर दिखाया जा सकता है। कैलकुलेशन 1 जनवरी 2026 को लागू होने की तारीख मानकर किया गया है और इसमें 20 महीने का एरियर पीरियड शामिल है। यह सिर्फ बेसिक पे के अंतर पर आधारित है, जबकि डियरनेस अलाउंस (DA hike update) अलग से लिया गया है। इसमें HRA या TA जैसे अन्य अलाउंस शामिल नहीं हैं।
एरियर कैलकुलेशन : लेवल 1 से 5 के लिए (7th CPC बेसिक पे)-
लेवल 1: 18,000 रुपये
लेवल 2: 19,900 रुपये
लेवल 3: 21,700 रुपये
लेवल 4: 25,500 रुपये
लेवल 5: 29,200 रुपये
8th पे कमीशन: अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर रिवाइज्ड बेसिक पे
लेवल 1 (L1)-
2.0× 36,000 रुपये
2.15× 38,700 रुपये
2.28× 41,040 रुपये
2.57× 46,260 रुपये
लेवल 2 (L2)-
2.0× 39,800 रुपये
2.15× 42,785 रुपये
2.28× 45,372 रुपये
2.57× 51,143 रुपये
लेवल 3 (L3)-
2.0× 43,400 रुपये
2.15× 46,655 रुपये
2.28× 49,476 रुपये
2.57× 55,769 रुपये
लेवल 4 (L4)-
2.0× 51,000 रुपये
2.15× 54,825 रुपये
2.28× 58,140 रुपये
2.57× 65,535 रुपये
लेवल 5 (L5)-
2.0× 58,400 रुपये
2.15× 62,780 रुपये
2.28× 66,576 रुपये
2.57× 75,044 रुपये
8वां वेतन आयोग: 20 महीने का अनुमानित एरियर (सिर्फ बेसिक पे)-
लेवल 1 (L1)-
2.0× 3.60 लाख रुपये
2.15× 4.14 लाख रुपये
2.28× 4.61 लाख रुपये
2.57× 5.65 लाख रुपये
लेवल 2 (L2)-
2.0× 3.98 लाख रुपये
2.15× 4.58 लाख रुपये
2.28× 5.09 लाख रुपये
2.57× 6.25 लाख रुपये
लेवल 3 (L3)-
2.0× 4.34 लाख रुपये
2.15× 4.99 लाख रुपये
2.28× 5.56 लाख रुपये
2.57× 6.81 लाख रुपये
लेवल 4 (L4)-
2.0× 5.10 लाख रुपये
2.15× 5.87 लाख रुपये
2.28× 6.53 लाख रुपये
2.57× 8.01 लाख रुपये
लेवल 5 (L5)-
2.0× 5.84 लाख रुपये
2.15× 6.72 लाख रुपये
2.28× 7.48 लाख रुपये
2.57× 9.17 लाख रुपये
इसलिए कम सैलरी वाले लेवल 1-4 के कर्मचारियों को 3 लाख रुपये से ज्यादा का एरियर मिल सकता है, जबकि लेवल 5 के कर्मचारियों के लिए यह 9 लाख रुपये से अधिक हो सकता है। यह पूरी तरह फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) पर निर्भर करता है।
