8th Pay Commission: 2026 में सैलरी रिविजन नहीं होगा, लेकिन सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। सरकार ने वेतन सुधार की एक नई रणनीति बनाई है, जिससे कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। आखिर क्या है पूरा मामला और कर्मचारियों को कैसे होगा लाभ? नीचे पढ़ें पूरी डिटेल।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों का इंतजार करना होगा। सूत्रों के अनुसार, वेतन आयोग की सिफारिशें अप्रैल 2026 तक सौंपे जाने की संभावना है, जबकि इसे लागू होने में 2027 तक का समय लग सकता है। हालांकि, इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा और कर्मचारियों को बकाया (arrears) दिया जाएगा।
2027 तक करना होगा इंतजार?
आधिकारिक रूप से 8वें वेतन आयोग का कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से शुरू हो जाएगा, लेकिन सिफारिशें आने और उन्हें लागू करने में समय लग सकता है। रिपोर्ट मई 2026 तक आने की संभावना है, और सरकार को इसे लागू करने में 2027 तक का समय लग सकता है। हालांकि, जितनी देरी होगी, कर्मचारियों को उतने महीनों का बकाया वेतन मिलेगा।
वेतन आयोगों द्वारा अब तक की वेतन वृद्धि
वेतन आयोग | अनुशंसित वेतन वृद्धि (%) |
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2nd CPC | 14.20% |
3rd CPC | 20.60% |
4th CPC | 27.60% |
5th CPC | 31.00% |
6th CPC | 54.00% |
7th CPC | 14.27% |
औसत वृद्धि | 27% |
8th Pay Commission: कितनी हो सकती है वेतन वृद्धि?
मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) को देखते हुए, 1 जनवरी 2026 तक डीए 60% से 62% तक पहुंच सकता है।
संभावनाएं | 01.01.2026 तक अनुमानित डीए (%) | संभावित वेतन वृद्धि (%) |
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बहुत आशावादी (Very Optimistic) | 62% | 24% |
बहुत निराशावादी (Very Pessimistic) | 60% | 12% |
सामान्य अपेक्षा (Normal Expectation) | 61% | 18% |
संभावना है कि सरकार 18% से 24% के बीच वेतन वृद्धि की सिफारिश कर सकती है। यदि 24% वृद्धि होती है, तो फिटमेंट फैक्टर अधिक रहेगा और वेतन में बढ़ोतरी शानदार होगी। हालांकि, यदि केवल 12% की वृद्धि होती है, तो कर्मचारियों को झटका लग सकता है