8th CPC Salary Hike : केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग का गठन जनवरी 2025 में ही कर दिया है। अबतक इसे एक साल से ज्यादा का समय हो चुका है लेकिन अभी तक नया वेतन आयोग लागू नहीं किया गया है। देश के एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बेसब्री से 8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार है। हाल ही में एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। दरअसल, केंद्रीय कम्रचारियों की सैलरी 18 हजार रुपये से बढ़कर 46 हजार रुपये हो जाएगी। आईये नीचे खबर में विस्तार से पूरा कैलकुलेशन समझते हैं –
8वें वेतन आयोग के लागू होने में जैसे-जैसे देरी होती जा रही है कर्मचारियों की टेंशन बढ़ती जा रही है। बढ़ती महंगाई के इस दौर में कर्मचारी यह जानना चाहते हैं कि उनकी सैलरी में कितना इजाफा होगा और नए वेतन आयोग के तहत क्या-क्या बदलाव होंगे। उन्हें नए वेतन आयोग के तहत नई बढ़ी हुई सैलरी किस दिन से मिलेगी और इसे कब से प्रभावी माना जाएगा। कर्मचारियों के मन में इस तरह के तमाम सवाल हैं जिनका वह साफ-साफ जवाब जानना चाहते हैं। आज इस खबर में सैलरी में बढ़ौतरी को लेकर पूरा गणित जानेंगे।
18 महीने में तैयार होगी रिपोर्ट –
सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission News) का गठन किया था और इसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को बकाया एरियर (Arrears Update) भी मिलने की संभावना है। नए वेतन आयोग के लागू होने में जितना समय लगेगा कर्मचारियों को उतना ही ज्यादा एरियर मिलेगा।
अब तक लागू हो चुके 7 वेतन आयोग –
भारत में वेतन आयोग का सिस्टम काफी पुराना है। 1946 में पहला वेतन आयोग (new pay commission) बना था, जिसके बाद अब तक सात आयोग वेतन लागू हो चुके हैं। हर आयोग ने महंगाई, आर्थिक स्थिति और सरकारी कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव किया है.आजादी के समय से लेकर अब तक सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में जमीन-आसमान का अंतर आया है। आईये अब जानते हैं पहले और अब वेतन आयोग में कितना बदलाव आया है।
1 से 7वें वेतन आयोग तक, कितनी बढ़ी मिनिमम और मैक्सिमम सैलरी?
अब तक देश में सात वेतन आयोग (7th Pay Commission) लागू हो चुके हैं। फिलहाल कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहतत सैलरी और अन्य भत्तों का लाभ मिल रहा है। पिछले वेतन आयोग के आंकड़ों पर नजर डालेंगे और जानेंगे कि नई सैलरी में कितना बदलाव हुआ।
1st Pay Commission (1946–47)
न्यूनतम बेसिक सैलरी: 55 रुपये
अधिकतम बेसिक सैलरी: 2,000 रुपये
Compression Ratio: 1:36.4
2nd Pay Commission (1957–59)
न्यूनतम बेसिक सैलरी: 80 रुपये
अधिकतम बेसिक सैलरी: 3,000 रुपये
Compression Ratio: 1:37.5
3rd Pay Commission (1972–73)
न्यूनतम बेसिक सैलरी: 196 रुपये
अधिकतम बेसिक सैलरी: 3,500 रुपये
Compression Ratio: 1:17.9
4th Pay Commission (1986)
न्यूनतम बेसिक सैलरी: 750 रुपये
अधिकतम बेसिक सैलरी: 8,000 रुपये
Compression Ratio: 1:10.7
5th Pay Commission (1996)
न्यूनतम बेसिक सैलरी: 2,550 रुपये
अधिकतम बेसिक सैलरी: 26,000 रुपये
Compression Ratio: 1:10.2
6th Pay Commission (2006)
न्यूनतम बेसिक सैलरी: 7,000 रुपये
अधिकतम बेसिक सैलरी: 80,000 रुपये
Compression Ratio: 1:11.4
7th Pay Commission (2016)
न्यूनतम बेसिक सैलरी: 18,000 रुपये
अधिकतम बेसिक सैलरी: 2,50,000 रुपये
Compression Ratio: 1:13.9
कर्मचारियों की नए वेतन आयोग से उम्मीद –
31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की अवधि समाप्त हो चुकी है। ऐसे में अब कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों लागू होने का इंतजार है। यदि नए वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो जाती हैं, तो कर्मचारियों को उस तारीख से लेकर लागू होने की वास्तविक तारीख तक का एरियर मिल सकता है।
18 हजार से बढ़कर 46,260 मिलेगी सैलरी –
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) 2.0 या उससे ज्यादा तय किया जाता है तो लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों की सैलरी में बंपर उछाल आएगा। लेवल 1 से 5 के कर्मचारियों को फिटमेंट फैक्टर (2.0 या अधिक) की वजह से एरियर के रूप में एकमुश्त लाखों रुपये एक साथ खाते में आएंगे। कुछ अनुमानों के अनुसार, अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू किया जाता है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी (Basic Salary Hike) 18,000 रुपये से बढ़कर 46,260 रुपये तक हो सकती है। इससे ज्यादातर कर्मचारियों की सैलरी में करीब 30% से 34% तक वृद्धि हो सकती है।
सरकार ने मांगे सुझाव-
वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लिए सुझाव मांगे हैं। ये सुझाव सैलरी, पेंशन, भत्ते और सेवा शर्तों से जुड़े हो सकते हैं। सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की है, ताकि सुझाव देने की प्रक्रिया पारदर्शी और आसान रहे है। सुझाव देने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल 2026 तय की गई है। अगर आप सैलरी (Salary Hike), पेंशन या भत्तों को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं, तो ऑनलाइन माध्यम से 30 अप्रैल 2026 तक अपनी राय दे सकते हैं।
