आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं और इसी बीच JPMorgan की ताज़ा रिपोर्ट ने शेयर बाजार में उत्साह भर दिया है। ग्लोबल फाइनेंशियल फर्म का मानना है कि जैसे ही करोड़ों सरकारी कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी, उनका खर्च भी तेजी से बढ़ेगा। यही बढ़ा हुआ कंज़म्प्शन भारतीय शेयर बाज़ार में मजबूत रैली की वजह बन सकता है। फर्म का कहना है कि वेतन बढ़ने के बाद कंपनियों की बिक्री और प्रॉफिट दोनों बढ़ेंगे, जिससे निवेशकों के “अच्छे दिन” लौट सकते हैं।
8th Pay Commission: सिर्फ वेतन सुधार नहीं, अर्थव्यवस्था को तेज़ करने वाला इंजन!
आठवें वेतन आयोग की तैयारियां अब तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। रिटायर्ड जस्टिस रंजन देसाई की अध्यक्षता वाली यह कमेटी काम शुरू कर चुकी है। सरकार ने Terms of Reference (ToR) भी जारी कर दिए हैं और आयोग को रिपोर्ट जमा करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है।
रिपोर्ट पर कैबिनेट की मंजूरी के बाद नया वेतन ढांचा लागू होगा। सरकार भले ही भुगतान बाद में करे, लेकिन इसे 1 जनवरी 2026 से “रेपो-डेट” के साथ लागू माना जाएगा, यानी कर्मचारियों को पूरा एरियर मिलेगा। यह एरियर ही बड़े खर्च और बाजार की रफ्तार का मुख्य इंजन बन सकता है।
खर्च में तेज़ी से आएगी उछाल — JPMorgan का विश्लेषण
JPMorgan ने NDTV Profit को दिए नोट में साफ कहा:
- वेतन बढ़ने के बाद कंज़म्प्शन एक्सेलरेशन होगा
- कार, घर, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर और रोज़मर्रा के सामानों की मांग बढ़ेगी
- कंपनियों की सेल्स और मुनाफ़ा बढ़ेगा
- इससे शेयर बाज़ार और मजबूत होगा
- घरेलू और विदेशी दोनों तरह के निवेशक अधिक पैसे डालेंगे
सीधे शब्दों में— 8वां वेतन आयोग भारत की GDP, कॉर्पोरेट अर्निंग्स और स्टॉक मार्केट—तीनों के लिए बड़ा बूस्टर साबित हो सकता है।
फिटमेंट फैक्टर: आखिर सैलरी कितनी बढ़ेगी? इसका फॉर्मूला यही तय करेगा
वेतन आयोग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है फिटमेंट फैक्टर—यानी पुराने बेसिक को नए वेतन में मल्टीप्लाई करने का गुणांक।
इसे तय करने में निम्न कारक देखे जाते हैं:
- महंगाई दर
- जीवनयापन की लागत (Cost of Living)
- डॉ. वैलेस आर. आयक्रॉयड का न्यूट्रिशन-आधारित फार्मूला
छठे वेतन आयोग (2008) का असर:
- फिटमेंट फैक्टर: 1.74–1.86
- कुल वेतन वृद्धि: लगभग 40%
- भारी एरियर मिला
- नतीजा: बाजार में कार, घर, इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री बूम पर
सातवें वेतन आयोग (2016) का असर:
- फिटमेंट फैक्टर: 2.57
- लेकिन वास्तविक सैलरी वृद्धि: 23–25%
- कारण: DA 125% था, जिसे नए वेतन में मर्ज कर दिया गया
- एरियर लगभग न के बराबर
- नतीजा: खर्च बढ़ा लेकिन लिमिटेड
8th Pay Commission: इस बार उम्मीदें क्यों ज्यादा हैं?
- कर्मचारियों को बेहतर सैलरी हाइक मिलने की उम्मीद
- एरियर का बड़ा भुगतान संभव
- कंज़म्प्शन साइकल दोबारा तेज़ होगा
- सरकार को टैक्स में ज्यादा कमाई
- कंपनियों के नतीजे बेहतर
- और शेयर बाजार में नई ऊर्जा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार की बढ़त सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका सकारात्मक असर पूरे भारत की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा।
