Indian Currency : देशभर में हर रोज लेन-देन के समय भारतीय करेंसी का यूज होता है। आप भी हर रोज भारतीय मुद्रा का यूज करते होंगे, लेकिन क्या आपके मन में कभी ये सवाल आया है कि आखिर नोट के किनारे पर ये तिरछी लाइनें क्यों बनी होती है। भारतीय करेंसी के बारे में ये रोचक तथ्य जानना काफी रूचिमय हो सकता है। आइए खबर के माध्यम से विस्तार से जानते हैं इस बारे में।
देश के बाजारो में भारतीय नोट का हर रोज किया जाता है। भारतीय करेंसी का इतिहास काफी ज्यादा रोचक रहा है, लेकिन फिर भी 99% लोगों को भरतीय मुद्रा के बारे में कई चीजों की जानकारी नहीं होती है। आपने क्या कभी नोटिस किया है कि आखिर नोट के किनारे (slanted lines on banknotes) पर कुछ लकीरें होती हैं तो वो आखिर क्यों होती है और उनका अर्थ क्या है।
अलग-अलग नोटों पर अलग-अलग क्यों होती है लाइनें
अब कई लोगों के मन में ये बात आती होगी की आखिर 100, 200 और 500 के नोट (Interesting facts about Indian Note) पर अलग-अलग लाइनें क्यों होती है तो आपने देखा होगा कि 100 के नोट पर दोनों ओर 4-4 लाइनें होती है और 200 के नोट (facts about 200 rupee note)पर भी दोनों ओर 4-4 लाइनें बनी हैं और उनके मध्य में दो-दो गोले भी बने हैं। बात करें 500 के नोट की तो 500 के नोट पर दोनों ओर 5-5 लाइनें बनी हुई हैं और ये सभी लाइनें तिरछे होंगे।
जानिए क्यों खास है ये तिरछी लाइनें
जानकारी के लिए बता दें कि नोटों के किनारे पर ये जो ये लाइन्स (slanted lines on banknotes) होती है, वो असल में ब्लीड मार्क्स कहलाते हैं। नोटों की कीमत के हिसाब से ये घटती और बढ़ती है। नोटों में इन लकीरों को दृष्टिहीन लोगों के लिए बनाया जाता है। जिन लोगों को दिखाई नहीं देता है, वो नोटों की वैल्यू समझ लेते हैं। बता दें कि भारतीय करेंसी (indian currency news updates) में 100 से 2000 तक की करेंसी तक पर ये लकीरें होती हैं। नोटों की इन लकीरों पर दृष्टिहीन लोग उंगलियां फेरकर नोट की वैल्यू पता कर सकते हैं।
तिरछी लाइनों का महत्व
बता दें कि भारतीय नोटों पर ये सभी लाइन्स (Note slanted lines History) उभरी हुई होती हैं। ताकि दृष्टिहीन लोग इन्हें फील कर नोट की वैल्यू को समझ सकें और उन्हें कोई बेवकूफ न बना सकें। इस वजह से ही सभी नोट पर अलग-अलग तरह से लाइनें होती हैं।
