दुनिया भर के बाजारों में सोने की कीमतें मजबूती बनाए हुए हैं। अमेरिका में दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की संभावना के चलते वैश्विक बाजार में सोने की मांग बढ़ी है और फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कीमत करीब 4,160 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है। भारत में भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है।
बैंक ऑफ अमेरिका (BoFA) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो 2026 तक सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छू सकता है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि अगले साल सोने का औसत भाव 4,538 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है और इससे भी ऊपर जाने की गुंजाइश बनी हुई है।
MCX पर भी दिखी मजबूती
घरेलू बाजार की बात करें तो MCX पर 5 दिसंबर के गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट में करीब 0.87 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है, जिससे इसका भाव बढ़कर 1,24,935 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। यह साफ करता है कि भारत में भी निवेशकों का रुझान सोने की तरफ बढ़ रहा है।
आगे और क्यों बढ़ सकता है सोने का भाव?
बैंक ऑफ अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार, सोने की कीमतों में आगे भी तेजी की पूरी संभावना बनी हुई है, क्योंकि अभी तक बड़े संस्थागत निवेशकों की मजबूत एंट्री नहीं हुई है। अगर आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक दबाव बना रहता है तो सोने के दाम और ऊपर जा सकते हैं।
इन कारकों को सोने की मजबूती की मुख्य वजह माना जा रहा है:
- वैश्विक स्तर पर सरकारी कर्ज में बढ़ोतरी
- लगातार बनी हुई महंगाई
- कम ब्याज दरों का माहौल
- अमेरिका की अपरंपरागत आर्थिक नीतियां
- सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की बढ़ती मांग
एक साल में 50% तक बढ़ चुका है सोना
बीते एक साल में ही सोने की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा चुकी है। यही वजह है कि बड़े निवेश बैंक भी सोने को लेकर काफी पॉजिटिव हैं। गोल्डमैन सैक्स ने भी अनुमान लगाया है कि आने वाले समय में सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकता है।
घरेलू बाजार में भी जोरदार उछाल
दिल्ली के सर्राफा बाजार में शादी-विवाह के सीजन की वजह से सोने और चांदी की मांग तेजी से बढ़ी है।
- सोना: करीब 3,500 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा होकर 1,28,900 रुपये तक पहुंच गया
- चांदी: करीब 5,800 रुपये प्रति किलो बढ़कर 1,60,800 रुपये हो गई
पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद अब दोनों कीमती धातुओं में फिर से मजबूती लौटती नजर आ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की नरम टिप्पणियों ने भी सोने को सपोर्ट दिया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने में हल्की गिरावट के साथ यह करीब 4,131 डॉलर प्रति औंस, जबकि चांदी करीब 51 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है।
निष्कर्ष
सोना आने वाले समय में निवेशकों के लिए एक बार फिर मजबूत विकल्प बनकर उभर सकता है। अगर वैश्विक आर्थिक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले साल में इसकी कीमतें नया रिकॉर्ड बना सकती हैं।
