देश के कीमती धातु बाजार में आज बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जहां सोने की कीमतों में मामूली नरमी आई, वहीं चांदी ने जबरदस्त उछाल के साथ अपना ऑल-टाइम हाई तोड़ दिया है। तेजी ऐसी कि खरीदारों की टेंशन बढ़ गई है।
चांदी की कीमत बनी सिरदर्द — रिकॉर्ड हाई को पार
चांदी के भाव में आज भारी उछाल ने बाजार को चकित कर दिया।
6,595 रुपये से अधिक की छलांग लगाते हुए चांदी ने अपना ऐतिहासिक उच्च स्तर पार कर लिया।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की रेट लिस्ट के अनुसार—
- चांदी ₹1,86,350 प्रति किलो के भाव पर खुली
- और ₹1,85,488 प्रति किलो पर बंद हुई
- जबकि मंगलवार को इसका भाव ₹1,78,893 प्रति किलो था
यानी इस साल चांदी की कीमतों में लगभग ₹99,471 की शानदार बढ़त दर्ज की जा चुकी है।
सोना हुआ थोड़ा सस्ता
जहां चांदी में तेज़ी का तूफान आया, वहीं सोने ने आज रफ्तार धीमी कर दी।
बुधवार को—
- 24 कैरेट सोना ₹186 गिरकर ₹1,27,788 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
सोने की इस गिरावट से खरीदारों को थोड़ी राहत जरूर मिली है।
कैरेट के हिसाब से सोने की लेटेस्ट कीमतें
IBJA के मुताबिक आज सोने की कीमतों में इस तरह बदलाव देखा गया—
| कैरेट | पुरानी कीमत (₹/10 ग्राम) | नई कीमत (₹/10 ग्राम) | बदलाव |
|---|---|---|---|
| 24 कैरेट | 1,27,974 | 1,27,788 | ▼186 रु |
| 22 कैरेट | 1,17,224 | 1,17,054 | ▼170 रु |
| 18 कैरेट | 95,981 | 95,841 | ▼140 रु |
MCX पर सोना-चांदी का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में आज हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला—
- फरवरी 2026 का सोना कॉन्ट्रैक्ट
→ 0.11% गिरकर ₹1,29,960 प्रति 10 ग्राम - मार्च 2026 का चांदी कॉन्ट्रैक्ट
→ 1.20% चढ़कर ₹1,90,320 प्रति किलो
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हाल?
COMEX पर:
- सोना 0.19% गिरकर $4,228.95 प्रति औंस
- चांदी 1.06% बढ़कर $61.50 प्रति औंस
ग्लोबल मार्केट में चांदी की मजबूत मांग इसका मुख्य कारण मानी जा रही है।
एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार:
- फेडरल रिज़र्व के ब्याज दर फैसले से पहले सोने पर दबाव दिखा
- MCX पर सोना लगातार ₹1,30,000 के नीचे बना हुआ है
- COMEX में भी सोना $4,200 के नीचे ट्रेड कर रहा है
आने वाले दिनों में सोना ₹1,27,000 से ₹1,31,500 की रेंज में रह सकता है।
निष्कर्ष
- चांदी ने रिकॉर्ड बनाया — खरीदारों की चिंता बढ़ी
- सोना थोड़ा सस्ता हुआ — ज्वेलरी खरीदने वालों को राहत
- बाजार की अगली दिशा फेड के फैसले और ग्लोबल संकेत तय करेंगे
