नवंबर 2025 की शुरुआत में केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन कर दिया और इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस को भी मंजूरी दे दी। आयोग जब अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा, तभी इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसी वजह से लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी आयोग की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि आयोग रिपोर्ट कब देगा, लागू होने में कितना समय लगेगा और देरी की स्थिति में क्या कर्मचारियों को राहत भत्ता (Relief Allowance) मिल सकता है?
आइए इन सभी सवालों के जवाब विस्तृत रूप से समझते हैं—
रिपोर्ट आने में कितना समय लगेगा? क्या 18 महीने में रिपोर्ट तैयार हो पाएगी?
8वें वेतन आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीनों का समय दिया गया है।
हालांकि, यह तय नहीं है कि आयोग इसे इसी अवधि में पूरा कर पाएगा या अतिरिक्त समय की जरूरत पड़ेगी।
इकनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, VSRK कैपिटल के डायरेक्टर स्वप्निल अग्रवाल का कहना है कि इतिहास देखने पर पता चलता है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे लागू होने में 1 से 2 साल का समय लगता है।
8th Pay Commission कब लागू हो सकता है?
यदि आयोग समय पर रिपोर्ट जमा कर देता है, तो:
- वेतन आयोग 2026 के अंत तक लागू हो सकता है,
या - इसमें देरी हुई तो 2027 में भी लागू होने की संभावना है।
रिपोर्ट में श्रमिक संघों के हवाले से कहा गया है कि वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में पूरे 2 साल भी लग सकते हैं।
18 महीनों के बाद क्या होगा?
जैसे ही आयोग अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा:
- मंत्रियों का एक समूह इसे समीक्षा करेगा
- समीक्षा पूर्ण होने में लगभग 1 महीना लग सकता है
- इसके बाद रिपोर्ट कैबिनेट के पास अंतिम मंजूरी के लिए जाएगी
कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं।
क्या यह प्रक्रिया और लंबी हो सकती है?
हाँ। यदि 8वां वेतन आयोग अतिरिक्त समय की मांग करता है, तो इसकी सिफारिशों को लागू होने में 2 साल या उससे अधिक समय लग सकता है।
भारत में आमतौर पर हर दशक में वेतन आयोग गठित होते हैं और इन्हें लागू होने में 2–3 साल का औसत समय लगता है।
अगर लागू करने में देरी हुई तो क्या मिलेगा राहत भत्ता?
रिपोर्ट में कहा गया है कि:
- यदि आयोग समय सीमा में अपनी रिपोर्ट पेश नहीं कर पाता,
- और केंद्र सरकार इसे लागू करने में अधिक समय लेती है,
तो इस स्थिति में सरकार अंतरिम राहत (Interim Relief) की घोषणा कर सकती है।
यह राहत दो तरीकों से दी जा सकती है:
- अतिरिक्त राशि प्रदान करके
- कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ाकर
ऐसा पहले भी किया जा चुका है—
👉 5वें वेतन आयोग के दौरान भी देरी पर अंतरिम राहत दी गई थी।
