घने कोहरे और शीतलहर के कारण दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है। अब बच्चों को ठिठुरती सुबह में जल्दी उठने की परेशानी नहीं होगी। यूपी में सुबह 9 से 10 बजे, बिहार में 9:30 से 4 बजे तक और अन्य राज्यों में भी नया समय लागू है।
उत्तर भारत इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। सुबह के समय सड़कों पर विजिबिलिटी इतनी कम हो गई है कि गाड़ियाँ चालकों को कुछ मीटर आगे तक भी साफ दिखाई नहीं देतीं। इस मौसम का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है, जिन्हें सुबह-सुबह ठिठुरते माहौल में स्कूल के लिए निकलना कठिन हो रहा था। इसी वजह से अब कई राज्यों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है ताकि बच्चों को सुबह की ठंड से राहत मिल सके।
दिल्ली-एनसीआर में छाया घना कोहरा
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम सहित पूरे एनसीआर में घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार सुबह के वक्त तापमान कई जगह 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जबकि विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रह जाती है। ऐसे में प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को सुबह की शिफ्ट देर से शुरू करने की सलाह दी है। कई निजी स्कूलों ने पहले ही समय बदल दिया है ताकि बच्चों को जोखिम से बचाया जा सके।
उत्तर प्रदेश में स्कूल खुलेंगे देर से
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान गिरने और कोहरा बढ़ने के बाद अब डीएम कार्यालयों की ओर से नए आदेश जारी हुए हैं। राजधानी लखनऊ में अब स्कूल सुबह 9 बजे से खुलेंगे। सहारनपुर में यह समय 9:30 बजे कर दिया गया है, जबकि कुशीनगर में स्कूल 10 बजे से खुलेंगे।
इन बदलावों का असर सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों पर समान रूप से पड़ेगा। ताजमहल के शहर आगरा में घने कोहरे के कारण दर्शनीय स्थल तक ढके हुए हैं, ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के खुलने की टाइमिंग में बदलाव का निर्णय लिया गया।
बिहार में भी लागू की गई नई व्यवस्था
ठंड और कोहरे के बढ़ते असर को देखते हुए बिहार सरकार ने भी स्कूलों के संचालन समय में संशोधन किया है। अब राज्य के सभी सरकारी स्कूल सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक चलेंगे। इस दौरान शिक्षकों और स्टाफ को भी नए समयानुसार उपस्थिति देनी होगी।
कई जिलों में कक्षा 1 से लेकर 8 तक के बच्चों को कुछ दिनों के लिए अवकाश भी दिया गया है, क्योंकि इन आयु वर्ग के बच्चे ठंड की मार सहन करने में ज्यादा सक्षम नहीं होते। बिहार सरकार ने डीएम और शिक्षा विभाग के समन्वय से यह निर्णय लिया ताकि पढ़ाई भी प्रभावित न हो और छात्रों का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहे।
हरियाणा और पंजाब ने पहले ही बदला था समय
हरियाणा में शीतलहर की शुरुआत नवंबर से ही हो गई थी, इसलिए राज्य सरकार ने पहले ही स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया था। फिलहाल हरियाणा के ज्यादातर जिलों में स्कूल सुबह 9:30 बजे खुलते हैं और दोपहर तक चलते हैं। पंजाब में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है। यहां स्कूलों की टाइमिंग को बदलकर सुबह 9 बजे से शुरू किया गया है। दोनों राज्यों में यह फैसला बच्चों की सुरक्षा और ठिठुरन भरी सुबहों से राहत देने के उद्देश्य से लिया गया थाप्रशासन ने दी बच्चों को राहत
मौसम विभाग के मुताबिक ठंड का यह दौर कुछ और दिनों तक जारी रह सकता है। ऐसे में स्कूल प्रशासन को जिले के आदेशों का पालन करते हुए समय-समय पर टाइमिंग समायोजित करने की सलाह दी गई है। अभिभावकों ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि इससे छोटे बच्चों को सुबह जल्दी उठने और सर्द मौसम में यात्रा करने की कठिनाई से बचाया जा सकेगा। साथ ही, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के कारण बच्चे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं, इसलिए देर से स्कूल खुलने का फैसला सकारात्मक प्रभाव डालता है।
जरूरी सावधानियां और सुझाव
विशेषज्ञों के अनुसार, माता-पिता को चाहिए कि बच्चों को ठंड से बचाने के लिए कपड़ों की परतें पहनाएं और सुबह स्कूल भेजने से पहले हल्का गर्म पेय दें। स्कूलों में भी हीटर या गर्म वातावरण बनाए रखने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस बीच, राज्य सरकारें मौसम की गंभीरता पर नजर बनाए हुए हैं और यदि परिस्थितियाँ और बिगड़ती हैं, तो अवकाश या ऑनलाइन क्लासेस का विकल्प भी लागू किया जा सकता है।
