IND vs NZ 3rd ODI: दूसरे वनडे में बड़ी जीत के बाद भी कीवियों का भारत की धरती पर वनडे सीरीज जीतने का सपना महज सपना बनकर ही रह जाएगा। शुभमन गिल की सेना न्यूजीलैंड के अरमान पूरे नहीं होने देगी। ऐसा हम नहीं बल्कि इंदौर में टीम इंडिया के रिकॉर्ड कह रहे हैं।
IND vs NZ 3rd ODI: भारत और न्यूजीलैंड तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-1 की बराबरी पर खड़ी है। सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाना है। न्यूजीलैंड के पास भारतीय सरजमीं पर पहली बार एकदिवसीय सीरीज जीतने का सुनहरा मौका है. राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे में कीवी टीम ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट से मैदान मारा था.
दूसरे वनडे में बड़ी जीत के बाद भी कीवियों का भारत की धरती पर वनडे सीरीज जीतने का सपना महज सपना बनकर ही रह जाएगा। शुभमन गिल की सेना न्यूजीलैंड के अरमान पूरे नहीं होने देगी। ऐसा हम नहीं बल्कि इंदौर में टीम इंडिया के रिकॉर्ड कह रहे हैं।
IND vs NZ: इंदौर में टीम इंडिया की जीत पक्की
इंदौर का यह मैदान भारतीय टीम के लिए 20 सालों के दरम्यान सुपरलकी रहा है। इसकी वजह है कि भारतीय टीम कभी भी यहां कोई वनडे मुकाबला नहीं हारी है। यानी यहां टीम इंडिया का किला अभेद्य है। कुल मिलाकर यहां हमारी टीम का राज चलता है। इतिहास के पन्ने खंगाले जाएं तो इंदौर का होलकर क्रिकेट स्टेडियम भारतीय क्रिकेट टीम के लिए हमेशा से लकी वेन्यू साबित हुआ है।

20 साल से इंदौर में कोई वनडे नहीं हारा भारत
यहां खेले गए वनडे मुकाबलों में भारत ने अब तक एक भी मैच नहीं हारा है। साल 2006 से लेकर 2023 तक यहां कुल 7 वनडे मैच खेले गए, और सभी में टीम इंडिया को जीत मिली। अब शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम अपने इसी बेमिसाल रिकॉर्ड को बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। वहीं, न्यूजीलैंड (IND vs NZ) को अगर पहली बार भारत की सरजमीं पर वनडे सीरीज जीतनी है, तो उन्हें इंदौर के इतिहास को अपने दमदार खेल के बूते पलटना होगा।
IND vs NZ: इंदौर की पिच रिपोर्ट
सीरीज का तीसरा वनडे मुकाबला इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाना है। इंदौर के इस ग्राउंड को बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता है। पिच पर अच्छा बाउंस होने की वजह से बॉल बैट पर आसानी से आती है। इस मैदान की बाउंड्री भी छोटी हैं, जिसकी वजह से यहां पर जमकर चौके-छक्कों की बरसात होती है। यानी भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले सीरीज के तीसरे वनडे मुकाबले में भी रनों का अंबार लगता हुआ दिखाई दे सकता है। हालांकि, बॉलर्स के लिए यहां रनों पर लगाम लगाना काफी मुश्किल होता है।
