UPComing Expressway : उत्तर प्रदेश के विकास की रफ्तार को नई दिशा प्रदान करने के लिए योगी सरकार की तरफ से नए-नए कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए उत्तर प्रदेश में लगातार नए- नए एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा रहा है। इस साल उत्तर प्रदेश में पांच नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे। चलिए खबर के माध्यम से जानते हैं कहां से कहां तक बनाए जाएंगे ये नए एक्सप्रेसवे।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का मानना है कि अगर प्रदेश में यातायात सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा तो विकास की रफ्तार में तेजी होगी। योगी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में लगातार नए-नए एक्सप्रेसवे को मंजूरी प्रदान की जा रही है। छोटे-बड़े शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से प्रदेश में एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा रहा है। फिलहाल उत्तर प्रदेश देश भर में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। इसलिए खबर के माध्यम से जानते हैं कि वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश में कहां-कहां नए एक्सप्रेसवे (UPComing Expressway ) बनाए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में बनाए जाने वाले एक्सप्रेसवे काफी हाईटेक तरीके से विकसित किया जा रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी कैमरे, स्पीड मापने की व्यवस्था, तथा पुलिस और एंबुलेंस की भी अच्छी सुविधा उपलब्ध है। कई परियोजना उत्तर प्रदेश में ऐसी है जिनकी डेडलाइन 2025 तक थी लेकिन अब समय से पूरा न होने के बावजूद वह 2026 में पूरी की जाएगी।
इस साल शुरू होंगे ये एक्सप्रेसवे
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन फरवरी 2026 में होने वाला है, जो दिल्ली, यूपी व उत्तराखंड को आपस में डायरेक्ट कनेक्ट करेगा। यह 210 किलोमीटर लंबा 6 लेन एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे है, जो यात्रा के समय को 6 घंटे से घटाकर मात्र ढाई घंटे कर देगा। इस एक्सप्रेसवे पर एशिया का सबसे बड़ा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर भी है, जो राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर 12 किलोमीटर लंबा है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे के सहारे अब मेरठ जाने में अब 45 मिनट लगते हैं जबकि पहले 3.30 घंटे लगते थे। इसमें 4 चरण हैं, जो गाजियाबाद और डासना के रास्ते होकर गुजरते हैं। एक्सप्रेसवे पर CCTV कैमरे, सोलर लाइटिंग, साउंड बैरियर और साइकिल ट्रैक जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। 31 मार्च 2026 तक इस पर बचा हुआ कार्य पूरा कर दिया जाएगा।
यूपी का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज (The largest expressway) में खत्म होती है, जिसे मिर्जापुर और हरिद्वार तक बढ़ाने की योजना है। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों से गुजरता है, जिनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं। इसके बनने से मेरठ से प्रयागराज की यात्रा सिर्फ 8 घंटे में पूरी हो सकेगी।
इतने दिन बाद खुलेगा गंगा एक्सप्रेसवे?
गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) की डिजाइन ऐसी है कि गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। इसमें बीच-बीच में 12 रैम्प टोल प्लाजा होंगे, जहां से एक्सप्रेसवे पर चढ़ने वाली गाड़ियों से टोल लिया जाएगा। शाहजहांपुर के पास एक एयरस्ट्रीप भी बनाई जा रही है, ताकि इमरजेंसी में हेलिकॉप्टर या प्लेन उतारे जा सकें। यह एक्सप्रेसवे 2026 में खुलने की उम्मीद है।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे
Kanpur-Lucknow Expressway का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और यह 2026 में खुलने की उम्मीद है। यह 63 किमी लंबा एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा समय को 3-4 घंटे से घटाकर 35-45 मिनट कर देगा। एक्सप्रेसवे पर 6 लेन होंगे, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है।
नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे
नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे (Noida-Kanpur Expressway) 2026 में तैयार हो जाएगा और यह 380 किलोमीटर लंबा होगा। यह एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर और उन्नाव जैसे शहरों को जोड़ेगा। इसके निर्माण पर लगभग 15 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस एक्सप्रेसवे के बनने से गाजियाबाद से कानपुर की दूरी सिर्फ 5 घंटे 40 मिनट में तय होगी, जो अभी 8 घंटे से ज्यादा समय लेती है।
इतने दिन बाद खुलेगा नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे
नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे (Noida-Kanpur Expressway) का विस्तार 6 लेन तक किया जा सकता है, जो गाजियाबाद-हापुड़ हाईवे (एनएच-9) से जुड़ेगा और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ भी कनेक्ट होगा। यह ग्रीन फील्ड कॉरिडोर गाजियाबाद में मेरठ एक्सप्रेसवे को हापुड़ से जोड़ेगा, जिससे यातायात में काफी सुधार होगा। यह एक्सप्रेसवे 2026 के अंत तक खुलने की उम्मीद है।
