8th Pay Commission : सरकारी कर्मचारियों में आठवें वेतन आयोग को लेकर इंतजार लगातार बढ़ रहा है। अब 1 जनवरी 2026 से आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission ) प्रभावी हो गया है, लेकिन अभी कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का फायदा मिलने में देरी है। अब हाल ही में कर्मचारियों के लिए सैलरी हाइक से जुड़ा बड़ा अपडेट आया है, जिसके तहत सरकारी कर्मियों की सैलरी 58 हजार रुपये हो सकती है।
कर्मचारियों के बीच इन दिनों आठवें वेतन आयोग के तहत सैलरी हाइक को लेकर सबसे ज्यादा चर्चांए हो रही है। अब इस बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारी ताक लगाए बढ़ी हुई सैलरी के इंतजार में हैं।जानकारी के मुताबिक नए पे कमीशन (8th CPC) के तहत कर्मचारियों की सैलरी 58 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। आइए खबर में जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
दिल्ली में होगी ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक
केंद्र सरकार की ओर से कर्मचारियों की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था NC- JCM स्टाफ साइड ने अपना मेमोरेंडम तैयार करने का प्रोसेस शुरू किया है, जिस बारे में 25 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक (Drafting committee meeting in Delhi) बुलाई जाएगी। इसमे यह तय होगा कि आखिर 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को सौंपे जाने वाले प्रस्ताव को कैसे तैयार किया जाएगा। इस दौरान कमेटी में मौजुद सदस्यों को 25 फरवरी के बाद हर मुद्दे के बारे में विस्तार से चर्चा करने के लिए लगभग 7 दिनों तक दिल्ली में रुकने को कहा है।
किन मुद्दो पर होगी चर्चा
NC JCM स्टाफ साइड में सरकार और कर्मचारियों (Employees News) की बातचीत का बड़ा मंच है। जब भी कोई नया वेतन आयोग लागू होता है तो यही संस्था कर्मचारियों की संयुक्त मांगें सामने रखती है। इसी मेमोरेंडम का हिस्सा कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन, प्रमोशन और सेवा शर्तें आदि होते हैं। अब इस बार नए पे कमीशन के लिए आयोग का दफ्तर चंद्रलोक बिल्डिंग, जनपथ में आबंटित किया गया है। ये बैठक फिरोजशाह रोड मौजुद कार्यालय में की जाएगी। जहां पर कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर, इंक्रीमेंट, भत्ते और पेंशन से जुड़े प्रस्तावों को आखिरी रूप दिया जाएगा।
कितना हो सकता है फिटमेंट फैक्टर
रिपोर्ट के अनुसार आठवें वेतन आयोग (eighth pay commission) में 1.8 से 2.5 के बीच फिटमेंट फैक्टर तय किया जा सकता है। पूर्व वित्त सचिव का कहना है कि इससे ज्यादा के फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) से सरकार पर वित्तीय भार पड़ सकता है। वहीं FNPO ने भी सरकार को 3.0 से 3.25 तक का फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि अलग-अलग लेवल पर सैलरी को एकसमान करने के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर होना बेहद जरूरी है। अब यह देखना बाकी है कि कर्मचारियों की उम्मीदों और सरकार के ऊपर वित्तीय दबाव को लेकर 8वां वेतन आयोग कहां संतुलन बनाता है।
फिटमेंट फैक्टर से सैलरी का केलकुलेशन
कर्मचारियों के बीच फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor hike updates) को लेकर सबसे ज्यादा चर्चांए हो रही है। दरअसल, फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा मल्टीपेयर होता है, जिसमे कर्मचारियों की मौजुदा बेसिक सैलरी को गुणा कर नई सैलरी को तय किया जाता है। हम आपको उदाहरण के माध्यम से समझाते हैं। जैसे कि कर्मचारियों का अभी न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये हैं और आठवें पे कमीशन में फिटमेंट फैक्टर 2.0 लागूर होता है तो इससे कर्मचारियों की सैलरी (employees’ salaries) 36,000 रुपये होगी। वहीं, आठवें पे कमीशन में 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो सैलरी 54,000 रुपये और 3.25 होने कर्मचारियों की सैलरी 58,500 रुपये तक पहुंच सकती है।
