New Expressway In UP : उत्तर प्रदेश में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब यहां पर एक और नए एक्सप्रेसवे (New Expressway) बनाया जाएगा। इसकी वजह से प्रदेश के 12 जिलों को सौगात मिलने वाली है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से यूपी के इस एक्सप्रेसवे के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में योगी सरकार (yogi government) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सरकार का ये अपडेट 12 जिलों के लिए खुशखबरी लेकर आ रहा है। बता दें कि अब यहां पर एक नया एक्सप्रेसवे (New Expressway) शुरू होने वाला है। इसके शुरू होने की वजह से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलने वाला है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
परियोजनाओं की हुई व्यापक समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, ऊर्जा, शिक्षा और औद्योगिक विकास परियोजनाओं (New Expressway) की व्यापक समीक्षा कर दी है। मुख्यमंत्री ने बताया है कि मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहने वाली है। गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री (New Expressway) ने निर्देश जारी कर दिये हैं। फरवरी, 2026 के अंत तक इसका निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे की इतनी होगी लंबाई
मुख्यमंत्री ने बताया है कि 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश की कनेक्टिविटी को ऐतिहासिक मजबूती देने वाला है। बैठक में बताया जा रहा है कि ये एक्सप्रेसवे (New Expressway in UP) 12 जनपदों से होकर गुजरने वाला है और 500 से अधिक गांवों को सीधा लाभ पहुंचाएगा। सड़क गुणवत्ता के आकलन के लिए रफनेस इंडेक्स और राइडिंग कम्फर्ट इंडेक्स जैसे आधुनिक तकनीकी मानकों के आधार पर परीक्षण किए जा रहा है।
बैठक में दी इस बात की जानकारी
मध्य गंगा नहर परियोजना (स्टेज-2) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया है कि सिंचाई परियोजनाएं कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि का महत्वपूर्ण माध्यम रहने वाला है। बैठक में बताया जा रहा है कि इस परियोजना (UP New Expressway Project) के पूरा होने की वजह से अमरोहा, मुरादाबाद और संभल जनपदों के बड़े कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार किया जाने वाला है।
एरच सिंचाई परियोजना की हुई समीक्षा
एरच सिंचाई परियोजना की समीक्षा के दौरान इस बात की जानकारी दी गई है कि ये परियोजना जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में सहायता प्रदान करने वाली है। रिहंद एवं ओबरा क्षेत्र की जल विद्युत परियोजनाओं (hydro power projects) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया है कि ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए जरूरी रहने वाला है। बैठक में बताया जा रहा है कि रिहंद-ओबरा क्षेत्र में पंप स्टोरेज आधारित परियोजनाएं भविष्य (Expressway Projects) की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रभावी उपयोग में सहायक होगा।
कार्गो हब के रूप में होगा विकसित
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने फेज-3 के लिए भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया है कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की वैश्विक कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनाएगा। इसकी वजह से उत्तर प्रदेश एयर कार्गो (Uttar Pradesh Air Cargo) हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इस वजह से इसके आगामी चरणों की तैयारी समय रहते सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में इस बात की जानकारी दी गई है कि एयरपोर्ट (airport Port) के प्रथम चरण के संचालन से प्रतिवर्ष एक करोड़ से अधिक यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने वाला है।
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब बनकर सामने आएगा यूपी
ग्रेटर नोएडा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं की कार्यवाही को तेज करने के निर्देश जारी कर दिये हैं। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं (Expressway Project) के लिए प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों के निर्माण आदि कराने के लिए भारत सरकार के सम्बंधित मंत्रालयों से निरंतर संवाद बनाने के निर्देश को जारी कर दिया है।
75 जनपदों में स्थापित होंगे स्कूल
ये योजना प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और समग्र शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल होने वाली है। उन्होंने बताया है कि प्रदेश के 75 जनपदों में 150 मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल (Chief Minister Model School) स्थापित किये जाने वाले हैं। इन स्कूलों में आधुनिक कक्षाएं, विज्ञान प्रयोगशालाएं, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, खेल एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों के लिए समुचित अवसंरचना विकसित की जाने वाली है।
मुख्यमंत्री ने जारी किये निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश जारी करते हुए बताया है कि मॉडल स्कूलों की स्थापना से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जाने वाली है। इसके साथ ही में जिन जनपदों में अब तक भूमि (Land acquisition) का चयन नहीं किया गया है। वहां पर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से तत्काल भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी की जाने वाला है। इसकी वजह से योजना को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारा जा सकता है। खास बैठक में चिल्ला एलिवेटेड फ्लाईओवर (Chilla Elevated Flyover) के कार्यों में भी तेजी की जरूरत को बताया जा रहा है।
कनेक्टिविटी के विस्तार पर हुई चर्चा
महत्वपूर्ण बैठक में दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर (rail line project) और बहराइच-श्रावस्ती-बलरामपुर-सिद्धार्थनगर-संतकबीरनगर रेल लाइन कनेक्टिविटी के विस्तार पर चर्चा की जा रही है। बैठक में बताया गया कि बहराइच-श्रावस्ती-बलरामपुर-सिद्धार्थनगर नई रेल लाइन परियोजना (new rail line project) सीमावर्ती और आकांक्षात्मक जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होने वाला है।
