New Railway Line in Haryana : हरियाणा में सफर को आसान करने के लिए सरकार लगातार नए एक्सप्रेसवे और नई रेलवे लाइन बनाने पर जोर दे रही है। राज्य के एक जिले में नई रेलवे लाइन के लिए पिछले 50 से ज्यादा सालों से मांग उठाई जा रही है जिसे अब सरकार मान लिया है और जल्द से जल्द नई रेलवे लाइन बिछाने की घोषणा की है। इस रेलवे लाइन के बनने से सफर सुगम होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। आईये नीचे खबर में जानते हैं किस रूट पर बनाई जाएगी रेलवे लाइन –
हरियाणा के विकास को नई दिशा देने के लिए सरकार ने हाल ही में एक अहम कदम उठाया है। दरअसल, राजधानी दिल्ली से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित हरियाणा के नूंह जिले में नई रेलवे लाइन बनाने की मंजूरी दे दी है। यहां पर रेलवे लाइन के लिए पिछले 5 दशकों से मांग उठाई जा रही थी। यह जिला 55 सालों बाद अब रेल नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है।
केंद्र सरकार ने दिल्ली–सोहना–नूंह–फिरोजपुर झिरका–अलवर तक नई रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस रेलवे लाइन के बनने से सफर आसान और तेज हो जाएगा। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में जमीन के रेट (Land Rate) भी तेजी से बढ़ेंगे। बता दें कि सरकार ने इस परियोजना के लिए रेलवे को 2,500 करोड़ की राशि दी है।
इस दिन चालू हो जाएगी नई रेलव लाइन –
रेल मंत्रालय के मुताबिक, नई रेल लाइन की लंबाई लगभग 104 किलोमीटर होगी और इसपर सात नए रेलवे स्टेशनों (New Railway Stations) का निर्माण किया जाएगा। यह रेल मार्ग हरियाणा और राजस्थान, दोनों राज्यों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। मंत्रालय ने बताया कि इस परियोजना को पूरा करने का तीन सालों का लक्ष्य रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार इस नई रेलवे लाइन (New Railway Line) को साल 2028 तक चालू करने का अनुमान है।
115 अति पिछड़े जिलों के विकास को मिलेगी नई दिशा –
बता दें कि साल 2005 में गुरुग्राम से अलग होकर मेवात जिला बना था। इस जिले का नाम मेवात से बदलकर नूंह किया गया। अब तक यह जिला रेल नेटवर्क से नहीं जुड़ा था, जिससे लोगों को आवागमन, रोजगार और उद्योग से जुड़ी सुविधाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब पांच दशकों के बाद सरकार ने नई रेलवे लाइन बनाने की घोषणा कर दी है। नई रेल लाइन बनने से स्थानीय व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत शुरू की गई है, जिसमें देश के 115 अति पिछड़े जिलों के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. नूंह भी इन्हीं जिलों में शामिल है।
1971 से की जा रही नई रेलवे लाइन की मांग –
इस रेल परियोजना की मांग सबसे पहले वर्ष 1971 में गुरूग्राम के तत्कालीन सांसद चौधरी तैयब हुसैन ने संसद में रखी थी। इसके बाद भी कई बार यह प्रस्ताव दोहराया गया। हाल ही में भिवानी–महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह और गुरुग्राम के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी इस परियोजना को आगे बढ़ाने की पहल की थी। अंततः केन्द्र सरकार ने पिछले बजट में इसे औपचारिक मंजूरी दे दी।
दिल्ली से जुडे़गा नूंह जिला –
नई रेल लाइन (New Railway Line) के पूरा होने पर दिल्ली से अलवर के बीच सोहना, नूंह और फिरोजपुर झिरका के रास्ते सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि यह परियोजना मेवात क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के नए द्वार भी खोलेगी।
