New Railway Line : रेलवे की ओर से विकास को तेज करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब हाल ही में एक ओर रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। अब इस रेल लाइन के दोहरीकरण से ट्रेनों (Train Routes Diverted) की रफ्तार बढ़ सकेगी और यात्रियों को तेज, सुरक्षित रेल सेवा का लाभ मिल सकेगा। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि किस रेल लाइन के दोहरीकरण का काम पूरा हुआ है।
देश के कई हिस्सों में रेलवे की ओर से विकास कार्यों को गति दी जा रही है। अब हाल ही में यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवा का फायदा देने के लिए रेलवे की ओर से एक ओर रेलवे लाइन के दोहरीकरण (doubling of railway line) का काम पूरा कर लिया गया है। रेलवे लाइन के दोहरीकरण से रेल संचालन बेहतर होगा। आइए खबर में जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
आटो सिग्नलिंग के साथ पूरा हुआ दोहरीकरण का काम
दरअसल, आपको बता दें कि रेवाड़ी-बीकानेर रेल लाइन ( Rail Route Doubling ) पर चूरू -दुधवाखरा रेल खंड के 27.98 किमी के दोहरीकरण का काम आटो सिग्नलिंग के साथ पूरा किया गया है। अब इस रूट पर जल्द ही ट्रेनें तेज रफ्तार से दौड़ती नजर आएगी।उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कहना है कि उत्त्तर पश्चिम रेलवे पर इंफ्रास्ट्रक्चर का जो काम चल रहा है, उसके अंतर्गत रेवाड़ी-बीकानेर रेल लाइन (Rewari-Bikaner rail line) पर रतनगढ़-सादुलपुर के बीच के दोहरीकरण के काम को आटो सिग्नलिंग के साथ पूरा किया गया है।
कब तक पूरा होगा दुधवाखरा- सादुलपुर के बीच का खंड
इस प्रोजेक्ट के काम को पूरा करने के लिए मौजूदा 7 कर्वों को घुमाकर दो स्थायी गति प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। इसके साथ ही इस काम में एक समपार को भी हटाया गया है। उनका कहना है कि सरकार ने जनवरी 2024 में चूरू-सादुलपुर खंड के दोहरीकरण (Doubling of Churu-Sadulpur section) के काम को मंजूरी दी थी और अब 2026 की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में मंजूरी के दो सालों के अंदर ही खंड का 50 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। उम्मीद है कि मार्च 2026 तक दुधवाखरा- सादुलपुर के बीच लगभग 50 प्रतिशत खंड को पूरा करने का प्लान है।
रेलवे लाइन के दोहरीकरण के फायदे
चूरू-दूधवाखारा रेलखंड पर दोहरीकरण (Doubling of Churu-Dudhwakhara railway line) से नेटवर्क क्षमता में इजाफा होने के साथ ही ट्रेनों की देरी होने में कमी आएगी। रेवाड़ी-बीकानेर रेल लाइन (Rewari-Bikaner rail line) पर कम समय में अधिक ट्रेनों का संचालन हो सकेगा और साथ ही यात्री एवं माल ढुलाई के लिए अधिक गति, अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित यात्रा का फायदा मिलेगा। इससे क्षेत्रीय संपर्क में सुधार होने के साथ ही आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
