8th CPC Salary Hike : सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म हो गया है और अभी तक सरकार ने 8वां वेतन आयोग लागू नहीं किया है। ऐसे में सरकारी नौकरी करने वालों के बीच सैलरी हाइक की चर्चा तेज हो गई है। सभी कर्मचारी अलग अलग फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक सैलरी में बढ़ौतरी की गणना कर रहे हैं। इसी बीच एक्सपर्ट ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बताया गया है कि नया वेतन आयोग लागू होने पर कम से कम सैलरी में कितनी वृद्धि होगी। आईये नीचे खबर में जानते हैं –
बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारी लंबे समय से 8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने आठवें वेतन आयोग की कमेटी गठित कर दी है वेतन आयोग को रिपोर्ट तैयार करने में 18 से 24 महीनों का समय लगेगा। इससे कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि कर्मचारियों को फायदा होगा। नए वेतन आयोग लागू होने में हो रही देरी के चलते कर्मचारियों को एरियर का भुगतान किया जाएगा।
ड्राफ्टिंग कमेटी के लिए बुलाई गई अहम बैठक –
हाल ही में रिपोर्ट सामने आई है कि 8वें वेतन आयोग (8th CPC Latest Update) को लेकर तैयारियां अब औपचारिक रूप से तेज हो गई है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC JCM), स्टाफ साइड ने अपना मेमोरेंडम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसी सिलसिले में 25 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में यह तय किया जाएगा कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को सौंपे जाने वाले प्रस्ताव किस तरह तैयार किए जाएंगे। खास बात यह है कि कमेटी के सदस्यों को 25 फरवरी के बाद करीब एक हफ्ते तक दिल्ली में रुकने को कहा गया है, ताकि हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जा सके।
मेमोरेंडम का हिस्सा होते हैं ये अहम मुद्दे
NC JCM स्टाफ साइड केंद्र सरकार के कर्मचारियों की ओर से सरकार से बातचीत का सबसे बड़ा मंच है। हर वेतन आयोग के सामने यही संस्था कर्मचारियों की संयुक्त मांगें रखती है। वेतन, भत्ते (allowance), पेंशन, प्रमोशन और सेवा शर्तों जैसे सभी अहम मुद्दे इसी मेमोरेंडम का हिस्सा होते हैं। इस बार 8वें वेतन आयोग के लिए आयोग का दफ्तर चंद्रलोक बिल्डिंग, जनपथ में अलॉट किया गया है। ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक फिरोजशाह रोड स्थित कार्यालय में होगी, जहां न्यूनतम वेतन (Basic Salary Hike), वेतन संरचना, इंक्रीमेंट, भत्ते और पेंशन से जुड़े प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सैलरी में कम से कम होगी इतनी बढ़ौतरी –
इस समय सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर हो रही है, क्योंकि सैलरी हाइक के लिए फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय होती है। उदाहरण के तौर पर अभी न्यूनतम बेसिक वेतन (Basic Salary Hike) ₹18,000 है। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.0 हुआ तो सैलरी 36,000 होगी, 3.0 होने पर 54,000 और 3.25 होने पर करीब 58,500 पहुंच सकती है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 के फिटमेंट फैक्टर से न्यूनतम वेतन 7,000 से सीधे 18,000 हो गया था, इसलिए इस बार भी कर्मचारियों की नजर इसी एक नंबर पर टिकी हुई है।
कर्मचारियों ने की 3.25 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग –
हालांकि एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज हाउस ज्यादा ऊंचे फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor Update) को लेकर सतर्क हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसे 1.8 से 2.5 के बीच बताया जा रहा है। पूर्व वित्त सचिव एस.सी. गर्ग ने भी कहा है कि बहुत ज्यादा बढ़ोतरी से सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।
वहीं फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन (FNPO) ने बड़ा दांव खेलते हुए 3.0 से 3.25 तक का फिटमेंट फैक्टर सुझाया है। उनका कहना है कि अलग-अलग लेवल पर वेतन असमानता दूर करने के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर जरूरी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कर्मचारियों की उम्मीदों और सरकार की जेब के बीच 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) आखिर कहां संतुलन बनाता है।
