DA Hike Update : देशभर के करोड़ों कर्मचारियों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। बता दें कि अब क्लियर कर दिया गया है कि इस बार डीए (DA Hike) में कितना उछाल आने वाला है। इसकी वजह से 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ होगा। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी जाकनारी।
केंद्र सरकार द्वारा साल में दो बार कर्मचारियों के लिए डीए को बढ़ाया जाता है। बता दें कि अब सरकार कर्मचारियों के लिए एक बार फिर से डीए (DA Hike in Jan) को बढ़ाएगी। डीए में हुई इस वृद्धि की वजह से कर्मचारियों को काफी लाभ होगा। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं जनवरी 2026 में डीए कितना बढ़ेगा।
पिछली बार इतना बढ़ा था इतना डीए
केंद्र सरकार ने पिछली बार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में तीन प्रतिशत तक की बढ़ौतरी की थी। इसकी वजह से जुलाई 2025 से लागू हुए डीए और डीआर (DR Hike) की दर 58 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। अब पहली जनवरी 2026 से डीए और डीआर की दरों में बढ़ोतरी होनी है। फिलहाल अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) की रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि डीए की दरों (DA Hike Update) में दो से तीन फीसदी की वृद्धि होने के संकेत दिये जा रहे हैं।
दिसंबर की रिपोर्ट आनी है बाकी
जुलाई 2025 में सूचकांक 146.5 पर था तो नवंबर में ये ही सूचांक (AICPI Index) 148.2 पर जा पहुंचा है। फिलहाल दिसंबर की रिपोर्ट आना बाकी है। दूसरी ओर दिसंबर में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 1.33 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जोकि नवंबर में 0.71 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। ऐसे में महंगाई भत्ते और महंगाई राहत (inflation relief) के 60 प्रतिशत तक जाने की संभावना है।
औद्योगिक श्रमिक के आंकड़े
जानकारी के लिए बता दें कि मार्च 2025 में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (industrial workers) 140.1 पर पहुंच गया था। अप्रैल में ये सूचकांक 140.6 रहा है तो फिर मई 2025 में यही सूचांक 144 पर पहुंच गया था। उसके बाद जून 2025 में ये सूचकांक 145.0 पर पहुंच गया था। जुलाई में 146.5, (AICPI Index Report) अगस्त 2025 में 147.1, सितंबर 2025 में 147.3, अक्टूबर 2025 147.7 और नवंबर 2025 में औद्योगिक श्रमिक 148.2 पर जा पहुंचा है। फिलहाल दिसंबर 2025 की रिपोर्ट आनी बाकी है।
इतने प्रतिशत पर पहुंच गया है आंकड़ा
रसोई के जरूरी सामानों, खासकर सब्जियों और प्रोटीन युक्त वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि की वजह से दिसंबर 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर तीन महीने के उच्च स्तर (AICPI Index) 1.33 प्रतिशत पर जा पहुंच गया है। ये नवंबर में 0.71 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। जोकि दिसंबर में बढ़कर 1.33 प्रतिशत पर जा पहुंचा है।
इससे पहले सितंबर में महंगाई दर 1.44 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई थी। अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) से डीए व डीआर की दर 60 के आंकड़े (AICPI Index Latest Update) को पार करने की उम्मीद लगाई जा रही है। नवंबर के सूचकांक में भारत के औद्योगिक केंद्रों में महंगाई को बढ़ते हुए दर्शाया जा रहा है।
खुदरा मूल्यों के आधार पर होगी वृद्धि
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संबद्ध कार्यालय, श्रम ब्यूरो, देश के 88 औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्रों में फैले 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों के आधार पर हर महीने औद्योगिक श्रमिकों (industrial workers update) के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को संकलित कर देता है। नवंबर 2025 के लिए अखिल भारतीय सीपीआई-आईडब्ल्यू में 0.5 अंक की वृद्धि दर्ज की जा रही है। ये 148.2 पर पहुंच गया है। नवंबर 2025 में वार्षिक मुद्रास्फीति दर (inflation rate) 2.56 प्रतिशत रही थी, हालांकि नवंबर 2024 में ये दर 3.88 प्रतिशत पर थी।
डीए और डीआर का होगा कैलकुलेशन
डीए और डीआर (DR Hike) की दर जब पचास फीसदी के पार हो जाती है तो नियमों के मुताबिक डीए और डीआर को मूल वेतन और पेंशन में विलय कर दिया जाएगा। इसके साथ ही में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में एक सवाल के जवाब में बताया था कि सरकार, ऐसा कोई विलय नहीं करने वाली है। नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (National Mission for Old Pension Scheme) भारत’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने बताया है कि ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण विकल्प रहने वाला है।
आठवें वेतन आयोग के लागू होने के आसार
सरकार ने पहले ही कर्मचारियों का दस प्रतिशत पैसा हर माह बचा लिया है। इसके साथ ही पिछले दो साल से दस प्रतिशत के हिसाब से कर्मचारियों का वेतन हड़पा जा रहा है। पेंशन भी हड़पी जा रही है। आठवें वेतन आयोग (8th pay commission) के लागू होने की उम्मीद भी दो साल बाद ही की जा सकती है। इस स्थिति में चार साल तक कर्मियों को हर माह दस प्रतिशत वेतन का नुकसान का सामना करना पड़ेगा। अब सरकार (Government Latest Update) ने बताया है कि डीए को मूल वेतन में मर्ज नहीं करने वाला है।
महंगाई राहत की ये है कैलकुलेशन
एक अन्य एक्सपर्ट ने बताया है कि पिछले साल संसद के बजट (Union Budget) सत्र से पहले कैबिनेट सचिव को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में उन्होंने महंगाई भत्ता और महंगाई राहत यानी ‘डीए और डीआर’ की गणना का कैलकुलेटर बदलने की मांग भी की थी। डीए (DA Calculation) की दर तय करने के लिए 12 महीने के औसत को तीन महीने के औसत से बदला जा सकता है। इसका मतलब है कि परिवर्तनीय डीए दिया जाए।
इसकी वजह से केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हर तीन महीने में वास्तविक मूल्य वृद्धि से मुआवजा दिया जा सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों का डीए (DA Latest Update) इसी आधार पर तय होता है। इतना ही नहीं, केंद्रीय कर्मियों और पेंशनरों के लिए अलग से ‘उपभोक्ता मूल्य सूचकांक’ तैयार करने की मांग की गई है।
बैंकिंग कर्मचारियों के लिए आया अपडेट
बैंकिंग कर्मचारियों का डीए हर साल प्रत्येक तिमाही यानी फरवरी-अप्रैल, (AICPI Index latest Update) मई-जुलाई, अगस्त-अक्टूबर और नवंबर-जनवरी में संशोधित किया जाता है। अगर जनवरी में मूल्य वृद्धि होती है तो फिर इसकी आंशिक भरपाई 12 महीनों के बाद की जा सकती है। डीए की गणना (DA calculation) और भुगतान छह महीने के बजाय हर तीन महीने में किया जाना चाहिए। इसके बाद पॉइंट टू पॉइंट डीए प्रदान किया जाना चाहिए। अब डीए को न्यूनतम मूल्य पर राउंड ऑफ किया जाता है।
कर्मचारी होंगे इतने डीए के लिए पात्र
उदाहरण के तौर पर अगर कोई कर्मचारी 42.90 प्रतिशत डीए (DA Hike News) के लिए पात्र हैं तो हमें सिर्फ 42 प्रति डीए स्वीकृत किया जाता है। 0.9 प्रतिशत डीए से केंद्रीय कर्मचारियों को छह महीने तक वंचित किया जाता है। केंद्र सरकार के कर्मियों को प्वाइंट-टू-प्वाइंट डीए प्रदान किया जाना चाहिए। बैंकों और एलआईसी (LIC Latest Update) के कर्मचारियों को प्वाइंट-टू-प्वाइंट डीए का लाभ दिया जाता है। कर्मियों और पेंशनभोगियों के लिए अलग से उपभोक्ता सूचकांक का निर्माण करने की मांग की जा रही है।
