Agriculture Tips : आज के समय में खेती सिर्फ परंपरा का ही हिस्सा नहीं है बल्कि अब किसान पारंपरिक खेती को छोड़ कर आधुनिक खेती (Farming Tips) के तरीकों को अपना रहे हैं। इसकी वजह से किसानों को काफी लाभ हो रहा है। इस फसल की खेती करने पर आपको बंपर मुनापा होगा।
अगर आप भी खेती करके मोटा मुनाफा कमाना चाह रहे हैं तो ये खबर आपके काफी काम की हो सकती है। बता दें कि हम आपको खेती (Best Farming) के एक ऐसे तरीके के बारे में बताने जिसको करके आप तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं वो भी काफी कम लागत में। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
कई गांवों तक फैल चुकी है ये खेती
पिपरासी, ठाकरहा और यूपी की तर्ज पर अब रामनगर क्षेत्र में भी केला की खेती की शुरुआत कर दी गई है। इसके लिए शुरुआत प्रायोगिक तौर पर हो गई है। ये खेती (Banana Farming) अब कई गांवों तक फैल चुकी है। क्षेत्र के किसान पारंपरिक खेती और गन्ने पर निर्भर रहने के बजाय केले का उत्पादन कर रहे हैं, इससे उनको काफी लाभ हो रहा है।
खेती की ये है सबसे बड़ी खासियत
बता दें कि इस खेती की सबसे बड़ी खासियत ये होगी कि किसानों को अपने उत्पाद के लिए बाजार की कोई भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। केला की मांग (Banana Farming Tips) स्थानीय स्तर पर ही खूब देखने को मिल रही है। इसकी वजह से किसानों को अपना उत्पाद बेचने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता है। इसकी वजह से किसानों की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार देखा जा रहा है। खेती में जोखिम अपेक्षाकृत (Banana Farming) कम है। समय पर सही देखभाल करने से पैदावार भी काफी अच्छी मिल रही है।
कृषि विशेषज्ञों ने दी जानकारी
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु केला उत्पादन (Banana Farming) के लिए अनुकूल बनकर सामने आ रहा है। यही वजह है कि कम समय में बेहतर उत्पादन की संभावनाएं लगाई जा रही है। किसानों को पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करने का मौका मिल रहा है। इससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे (Banana Farming Latest Update) की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। ये पहल आने वाले समय में क्षेत्र के किसानों के लिए आय का मजबूत स्रोत बनकर सामने आ सकती है।
लगातार बढ़ रहा है खेती का रकबा-
प्रखंड में पहले दो तीन किसानों ने प्रायोगिक रूप से दो एकड़ में केले की खेती (Banana ki kheti) करनी शुरू कर दी थी। ये तीन साल पहले की बात है। ऐसे में अब इसकी खेती का रकबा लगातार बढ़ता चला जा रहा है। तीन दर्जन से अधिक किसान इससे जुड़े हैं। मधुबनी गांव से शुरू केले की खेती खैरवा टोला, (Banana Farming Profit) बकवा, चंद्रौल, परसौनी, सपही आदि गांवों तक पहुंच गये हैं। लगभग 50 एकड़ में केले की खेती की जा रही है।
खेती करने पर होगा इतना मुनाफा
एक किसान ने जानकारी देते हुए बताया है कि वे तीन एकड़ में केले की खेती कर रहे हैं। इनके मुताबिक एक एकड़ केले की खेती में लगभग डेढ़ लाख रुपये का खर्च आ रहा है। तीन से साढ़े तीन लाख का उत्पादन (Banana Farming latest Update) किया जा रहा है। डेढ़ से दो लाख प्रति एकड़ मुनाफा हो रहा है। हालांकि प्राकृतिक आपदा का खतरा रहता है। कभी-कभी बाहर से अधिक केला आ जाने की वजह से भी उनके उत्पाद का मूल्य वाजिब नहीं मिल पाता है।
फसल बीमा प्रभावी बनाने की जरूरत
वहीं एक अन्य किसान ने बातया है कहना है कि सरकार की ओर से पौधे फ्री में उपलब्ध कराये जा रहे हैं। अनुदान में लगभग 6000 प्रति एकड़ मिलता है, पर फसल बीमा (Fasal Bema) को प्रभावी बनाने की जरूरत होती है। मधुबनी के किशोर उरांव, प्रयाग साह आदि भी इस खेती से जुड़े हुए हैं। ये सभी सुविधा बागवानी मिशन के तहत दी जाने वाली है।
