IMD Weather – मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों के लिए ताज़ा चेतावनी जारी की है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले कुछ दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश, बर्फबारी, तेज हवाओं और तापमान में गिरावट का असर उत्तर से लेकर मध्य भारत तक दिखने की संभावना है… इन आठ राज्यों में जारी किया गया अलर्ट-
देश का मौसम फिर करवट लेने वाला है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर से जूझ रहे लोगों को अब नई चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के कारण उत्तर और मध्य भारत में मौसम अचानक बिगड़ सकता है। तेज हवाएं चलेंगी, बिजली चमकेगी और कई जगहों पर झमाझम बारिश होने की संभावना है।
इसके साथ ही पहाड़ों पर बर्फबारी होगी और मैदानी इलाकों में ठंड और बढ़ जाएगी। आसमान में बादल छाए रहेंगे और मौसम पल-पल बदलता रहेगा। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-NCR, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा (haryana) जैसे घनी आबादी वाले राज्यों में इसका असर अधिक महसूस होगा। मौसम विभाग (IMD Weather Alert) के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होगी, तो कहीं तेज हवाएं लोगों की रफ्तार धीमी कर सकती हैं।
देश भर के मौसम का हाल-
श्रीनगर मौसम विभाग (Srinagar Meteorological Department) के ताज़ा अपडेट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदलता रहेगा। 31 जनवरी से 1 फरवरी के बीच आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी की संभावना है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गरज और तेज हवाएं चल सकती हैं।
2 और 3 फरवरी को भी बादल छाए रहेंगे और ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। 4 से 6 फरवरी तक मौसम आंशिक रूप से बादली रहने का अनुमान है, जबकि 7 फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी के साथ बादल छाए रहेंगे। 8 से 10 फरवरी के दौरान मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ का डबल हमला: पहाड़ों से लेकर मैदान तक बदलता मौसम-
IMD के अनुसार, इस समय कई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। इसका असर सीधे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों पर पड़ रहा है। अगले 24-48 घंटों में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी (Rain and snowfall in Uttarakhand) की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ जम सकती है, जबकि निचले क्षेत्रों में ठंडी हवाएं और बारिश का असर दिखेगा। यह सिस्टम जल्द ही मैदानी इलाकों तक भी पहुंच सकता है।
मैदानी राज्यों में बादल छाने लगेंगे और हवा की रफ्तार 30-40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ जगहों पर झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक हो सकते हैं। तापमान में गिरावट रहेगी, दिन में धूप कमजोर और रातें सर्द होंगी।
सुबह-शाम ठिठुरन महसूस होगी और खुले इलाकों में आंधी-तूफान (Thunderstorm) जैसी स्थिति बन सकती है। बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD ने किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार और राजस्थान में मौसम की स्थिति-
दिल्ली-NCR में अगले तीन दिनों तक मौसम बदलता रहेगा। आंशिक बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहेगा। सुबह हल्का से घना कोहरा (light to dense fog) दिख सकता है, जबकि रात के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 30-40 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है।
उत्तर प्रदेश में शीतलहर (Cold wave in Uttar Pradesh) का असर अभी भी जारी है। पश्चिमी यूपी में 1 से 2 फरवरी और पूर्वी यूपी में 2 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, साथ ही गरज-चमक भी हो सकती है। कई जिलों में घने कोहरे के लिए अलर्ट भी जारी किया गया है।
बिहार में फिलहाल मौसम में राहत है। अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश या शीतलहर की चेतावनी नहीं है। हालांकि सुबह और शाम घना कोहरा परेशानी बढ़ा सकता है। न्यूनतम तापमान 5–9 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
राजस्थान में मौसम सबसे ज्यादा खतरनाक हो सकता है। 31 जनवरी से 1 फरवरी के बीच गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश की संभावना है। हवाओं की रफ्तार 30-40 किमी प्रति घंटे तक रहेगी, जबकि कुछ जगहों पर झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। पश्चिमी राजस्थान में ओलावृष्टि (Hailstorm in western Rajasthan) की भी आशंका है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
आगे कैसा रहेगा मौसम का हाल-
आने वाले दिनों में कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pardesh) का मौसम सबसे चुनौतीपूर्ण रहेगा। जम्मू-कश्मीर में 2 फरवरी तक लगातार बारिश और बर्फबारी की चेतावनी है। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और द्रास जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात हो सकता है, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है। कई पहाड़ी रास्तों पर फिसलन बढ़ेगी और तापमान शून्य से नीचे जा सकता है। आम लोग और पर्यटक दोनों सतर्क रहें, क्योंकि बर्फबारी के बाद ठंड और तेज हवाएं (Cold and strong winds after snowfall) हालात और मुश्किल बना सकती हैं।
उत्तराखंड में भी मौसम सख्त बना रहेगा। IMD के अनुसार 3 फरवरी तक राज्य में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री (Gangotri and Yamunotri) जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फ गिर सकती है, जबकि देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जैसे मैदानी क्षेत्रों में बारिश के कारण ठंड बढ़ेगी। तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट हो सकती है। भूस्खलन और सड़क बंद होने की आशंका के मद्देनजर प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
हिमाचल प्रदेश में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर (western disturbance in Himachal Pradesh) गहराएगा। शिमला, मनाली, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में भारी बर्फबारी की संभावना है। कई इलाकों में स्कूल बंद (school closed) हो सकते हैं और यातायात प्रभावित हो सकता है। निचले क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं से ठंड बढ़ेगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी इलाके और पर्यटक (tourist) अनावश्यक यात्रा से बचें, क्योंकि अगले कुछ दिन मौसम बेहद संवेदनशील रहने वाला है।
